नीट पेपर लीक विवाद अब पूरी तरह संसद की चौखट पर पहुंच चुका है। एक तरफ INDIA ब्लॉक ने सरकार को घेरने के लिए रणनीति बनाई, तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए सांसदों को साफ संदेश दिया कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में अपना जन्मदिन तक नहीं मनाया। आखिर संसद के भीतर और बाहर क्या रणनीति बन रही है? पीएम मोदी ने क्या कुछ कहा और खरगे ने इस पूरे मामले पर क्या सवाल उठाए?
नीट-2026 पेपर लीक विवाद और छात्रों के आंदोलन को लेकर संसद का मानसून सत्र लगातार गर्माता जा रहा है। मंगलवार को संसद भवन में विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के नेताओं ने अहम रणनीति बैठक की, जिसमें सदन के भीतर सरकार को घेरने की रूपरेखा पर चर्चा हुई।
बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत समाजवादी पार्टी, वामपंथी दलों, शिवसेना और अन्य सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक का मकसद संसद के दोनों सदनों में साझा रणनीति तैयार करना और नीट पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन तथा पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगना था।
रणनीति बैठक के बाद INDIA ब्लॉक के नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष से भी मुलाकात की। इस दौरान विपक्ष ने सदन में इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कराने और विपक्ष को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर देने की मांग रखी।
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने घोषणा की कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए वह इस बार अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने संदेश में खरगे ने कहा कि देश ने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और बल प्रयोग देखा। उनका कहना था कि न्याय की मांग कर रहे छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की गई।
खरगे ने सवाल उठाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल क्यों किया गया? संसद परिसर के आसपास सुरक्षा इतनी कड़ी क्यों की गई? इंटरनेट सेवाओं पर रोक जैसी स्थिति क्यों बनी? और बार-बार हो रहे पेपर लीक के लिए आखिर जवाबदेह कौन है?
कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से मांग की कि संसद में इस पूरे मुद्दे पर तत्काल विस्तृत चर्चा कराई जाए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई। उन्होंने भविष्य में सुरक्षित डिजिटल प्रश्न बैंक, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
दूसरी ओर सरकार ने भी अपना पक्ष स्पष्ट किया। मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश साझा किया।
रिजिजू के मुताबिक प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और पेपर लीक जैसी घटनाएं राष्ट्रीय चिंता का विषय हैं। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की भी अपील की।
यानी एक तरफ विपक्ष सरकार से जवाबदेही तय करने, संसद में चर्चा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर सरकार जांच, कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में सुधार की बात दोहरा रही है।
अब साफ है कि आने वाले दिनों में मानसून सत्र के दौरान नीट पेपर लीक का मुद्दा संसद के भीतर सबसे बड़ा राजनीतिक और जनहित का विषय बना रहेगा। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार छात्रों के हित में कार्रवाई और सुधार के अपने दावों के साथ जवाब देने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में सदन के भीतर बहस और बाहर सियासी टकराव दोनों के और तेज होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं।