प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में कहा, "हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए अथक प्रयास कर रही है। पिछली सरकारों ने अपने वादों में से एक भी पूरा नहीं किया। भाजपा सरकार जो वादा करती है, उसे पूरा करती है। पीएम किसान सम्मान निधि सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और इरादों की मिसाल बन गई है... सपा और कांग्रेस जैसी विकास विरोधी सरकारें अफवाहें फैलाती थीं और लोगों को हर संभव तरीके से गुमराह करती थीं... यह देश के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक निराश विपक्ष इन झूठी उम्मीदों के साथ जी रहा है। वे बस किसानों से झूठ बोल सकते हैं और उन्हें गुमराह कर सकते हैं... पीएम किसान सम्मान निधि अपनी शुरुआत से ही बिना रुके चल रही है। अब तक लाभार्थी किसानों के खातों में 3.75 लाख करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं... अकेले काशी के किसानों को 900 करोड़ रुपये मिले हैं..."
पीएम मोदी ने कहा कि नया भारत भोलेनाथ को भी पूजता है। दुश्मनों के सामने कालभैरव भी बन जाता है। मैं यूपी का सांसद हूं, इस नाते मुझे खुशी है कि ब्रह्मोस मिसाइल यूपी में भी बनेगी। ये मिसाइल लखनऊ में तैयार होंगी। अगर पाकिस्तान ने फिर कोई पाप किया तो यूपी में बनी मिसाइल आतंकियों को तबाह कर देंगी। आज यूपी विकास कर रहा है, तो इसके पीछे भाजपा सरकार की नीतियां हैं। यूपी में भाजपा सरकार ने अपराधियों में खौफ भर दिया। मैं यूपी सरकार को बधाई देता हूं। पीएम ने कहा सेवापुरी का इतिहास क्रांतिकारियों का इतिहास है। यहां घर घर महिलां- पुरुष के हाथों में चरखा हुआ करता था।
एम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारत पर जो वार करेगा वो पाताल में भी नहीं बचेगा। दुर्भाग्य है कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से अपने देश के भी कुछ लोगों के पेट में दर्द हो रहा है। ये कांग्रेस पार्टी और उनके चेले चपाटे इस बात को पचा नहीं पा रहे कि भारत ने आतंकियों के ठिकानों को मिट्टी में मिला दिया। मैं अपने भारतीयों से पूछना चाहता हूं कि आपको ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर गर्व है कि नहीं। कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर को तमाशा कहा है, आप मुझे बताइए सिंदूर कभी भी तमाशा हो सकता है क्या। क्या कोई सिंदूर को तमाशा कह सकता है क्या? कोई मुझे बताए क्या आतंकवादियों को भी मारने के लिए इंजतार करना चाहिए क्या? सपा को फोन करूं क्या कि आतंकियों को मार दें क्या?
पीएम मोदी काशी से दूसरी बार देश के 9.70 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी की। इस बार 20,500 करोड़ रुपये की धनराशि किसानों के खाते में भेजे गए। इसका लाभ काशी के 2.21 लाख किसानों को मिला। इससे पहले उन्होंने 18 जून 2024 को 9.26 करोड़ किसानों के खाते में सम्मान निधि भेजी थी।