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नीतीश कुमार ने याद दिलाया 2005 से पहले का लालू-राबड़ी दौर

Fri, 22 Aug 2025 02:52 PM IST
आदर्श वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गया में आयोजित विकास योजनाओं के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्ववर्ती लालू-राबड़ी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। उस दौर में विकास का नामोनिशान नहीं था। नीतीश ने मंच से सवाल किया – “2005 से पहले क्या हाल था? बिहार का कितना बुरा हाल था? लोग ठीक से कपड़े तक नहीं पहन पाते थे। महिलाओं और मुस्लिम समाज के लिए किसी ने कुछ नहीं किया।”

सीएम ने कहा कि 2005 के बाद जब एनडीए की सरकार बनी, तब राज्य में विकास की नई शुरुआत हुई। “हमारी सरकार ने सबके लिए काम किया, आज हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। बिहार में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य सभी सेक्टर में योजनाबद्ध तरीके से सुधार किए गए हैं।”

नीतीश कुमार ने कहा कि आज बिहार के लिए ऐतिहासिक दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है। इन परियोजनाओं से राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। सीएम ने पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा – “मैं प्रधानमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद करता हूं। उनके सहयोग से बिहार में विकास की गति तेज हुई है।”

नीतीश ने यह भी बताया कि कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी बेगूसराय के सिमरिया जाएंगे, जहां वह नवनिर्मित गंगा पुल का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा – “मैं प्रधानमंत्री जी का अभिनंदन और नमन करता हूं।”

मुख्यमंत्री ने गया और बोधगया में किए गए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हर साल यहां लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं, लेकिन पहले की सरकारों ने इस क्षेत्र के लिए कुछ नहीं किया। “हमने गया का नाम बदलकर गयाजी कर दिया। फल्गु नदी पर रबर डैम से सीता सेतु का निर्माण कराया गया। बोधगया में महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया गया। आज इन क्षेत्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं।”

नीतीश कुमार ने कहा कि 24 नवंबर 2005 से पहले की सरकारों ने विकास पर कोई ठोस काम नहीं किया। “हमारी सरकार आने के बाद ही योजनाबद्ध तरीके से विकास शुरू हुआ। आज बिहार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है।”

सीएम ने हाल ही में लिए गए सामाजिक कल्याण के फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वृद्धजन, दिव्यांगजन और विधवा महिलाओं की पेंशन ₹400 से बढ़ाकर ₹1,100 कर दी गई है, जिससे 1.12 करोड़ लाभार्थियों को फायदा मिलेगा।

नीतीश ने बिजली आपूर्ति को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि 2018 में ‘हर घर बिजली’ योजना के तहत सभी घरों तक बिजली पहुंचा दी गई थी। “अब हमने बिजली को पूरी तरह निःशुल्क करने का फैसला किया है।”

मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा – “अब तक 10 लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं और 39 लाख लोगों को विभिन्न रूपों में रोजगार मिला है। चुनाव से पहले यह आंकड़ा 50 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य है। अगली सरकार बनने पर पांच साल में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देंगे।”

नीतीश ने कहा कि बिहार में नए उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार विशेष प्रोत्साहन देगी। “हमने महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है। केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार का समग्र विकास संभव हुआ है।” उन्होंने बताया कि आगामी बजट में मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट और कोसी क्षेत्र के विकास के लिए विशेष राशि आवंटित की गई है।

नीतीश कुमार के इस भाषण में जहां विकास कार्यों का ब्योरा था, वहीं लालू-राबड़ी शासन पर सीधा हमला भी था। यह बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। एक ओर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ तालमेल दिखाते हुए केंद्र के सहयोग की सराहना की, वहीं दूसरी ओर उन्होंने विपक्ष को यह याद दिलाने की कोशिश की कि बिहार में उनके शासन से पहले क्या स्थिति थी।

कार्यक्रम में नीतीश कुमार ने रोजगार, बिजली और सामाजिक कल्याण के वादे कर यह संकेत दे दिया कि आगामी चुनाव में एनडीए सरकार विकास और सुशासन के मुद्दे पर जनता के बीच जाएगी।
 

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