कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद की गूंज अब देहरादून तक पहुंच गई है। हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर उत्तराखंड की सीमा पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब करीब 200 निहंग सिखों का जत्था हिमाचल प्रदेश से उत्तराखंड में प्रवेश करने के लिए आगे बढ़ गया। प्रशासन और पुलिस की घंटों चली वार्ता विफल रही, जिसके बाद हालात अचानक बिगड़ गए।
उत्तराखंड में प्रवेश को लेकर शुरू हुआ विवाद उस समय और गहरा गया जब चंडीगढ़ से रवाना हुआ निहंग सिखों का जत्था पांवटा साहिब पहुंचा। प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था। कुल्हाल चेकपोस्ट और डाकपत्थर सीमा क्षेत्र को सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया था। पुलिस के साथ आईटीबीपी के जवान भी तैनात किए गए थे और सीमा से आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही थी।
शाम करीब पांच बजे जत्था पांवटा साहिब पहुंचा, जहां प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद एसडीएम विनोद कुमार, एसपी देहात पंकज गैराला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। गुरुद्वारे में प्रशासन, पुलिस और निहंग सिख प्रतिनिधियों के बीच करीब दो घंटे तक बातचीत चली, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
वार्ता के दौरान निहंग सिखों ने साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर हेमकुंड साहिब की यात्रा पूरी करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि एक मार्ग से प्रवेश नहीं मिला तो वे डाकपत्थर क्षेत्र से उत्तराखंड में दाखिल होने की कोशिश करेंगे। प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।
बातचीत विफल होते ही माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि कुछ निहंग सिखों ने बैरिकेडिंग हटाने का प्रयास किया और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसके बाद जत्था कुल्हाल पुल पार कर चेकपोस्ट तक पहुंच गया और बैरिकेड तोड़ते हुए उत्तराखंड की ओर बढ़ गया।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब रास्ते में दो डंपरों के शीशे तोड़े जाने की सूचना सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ निहंग सिख तलवारें लहराते हुए बल्लूपुर-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर बढ़ रहे थे। इसके चलते पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं।
इस बीच जानकारी मिली है कि चंडीगढ़ से निहंग सिखों का एक और जत्था भी पांवटा साहिब पहुंचने वाला है। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
फिलहाल उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। प्रशासन बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है, जबकि निहंग सिख अपने रुख पर कायम हैं। ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले घंटों में यह गतिरोध किस दिशा में आगे बढ़ता है।