फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Netanyahu Apologize Qatar: नेतन्तयाहू ने कतर के पीएम से अचानक क्यों मांगी माफी ?

Tue, 30 Sep 2025 09:45 AM IST
साहिल सुयाल वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

9 सितंबर को इस्राइल ने कतर की राजधानी दोहा में एक हवाई हमला किया। निशाना था हमास के शीर्ष नेतृत्व। लेकिन यह योजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। हमास के बड़े नेता बच निकले, जबकि कतर का एक सुरक्षा गार्ड और हमास के निचले स्तर के कुछ सदस्य मारे गए। इस अप्रत्याशित घटना ने न सिर्फ कतर को नाराज किया बल्कि क्षेत्रीय कूटनीतिक संतुलन को भी हिला दिया कतर लंबे समय से हमास और अंतरराष्ट्रीय पक्षों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में दोहा पर हमला उसकी संप्रभुता के सीधे उल्लंघन के तौर पर देखा गया। कतर सरकार ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और तुरंत संकेत दे दिया कि वह अब हमास के साथ होने वाली किसी भी वार्ता में मध्यस्थता नहीं करेगा। इससे गाजा युद्ध के समाधान की कोशिशें ठप पड़ गईं।

कूटनीति अक्सर कठोर रुख और सख्त फैसलों के बीच भी एक नरम रास्ता तलाशती है। इसी क्रम में इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वह कदम उठाया, जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जासिम अल थानी से औपचारिक तौर पर माफी मांगी। दिलचस्प बात यह रही कि यह माफी दोहा में जाकर नहीं बल्कि अमेरिका से की गई। नेतन्याहू उस समय व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मेहमान के रूप में मौजूद थे। यहीं से एक फोन कॉल के जरिए दोनों नेताओं की बातचीत कराई गई। अमेरिकी चैनलों की रिपोर्टों के मुताबिक, इस फोन कॉल में राष्ट्रपति ट्रंप भी शामिल थे। यह कॉल भले ही कुछ मिनटों तक चली, लेकिन इसका असर लंबे समय तक दिखने वाला है।

एक विदेशी राजनयिक ने पुष्टि की कि इस बातचीत में नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से कहा कि 9 सितंबर का हमला कतर की संप्रभुता का उल्लंघन था और इसके लिए इस्राइल को खेद है। माफी मांगना नेतन्याहू के लिए आसान नहीं रहा होगा, क्योंकि इस्राइल की राजनीति और सुरक्षा नीतियां अक्सर कठोर मानी जाती हैं। लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें