देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने सामान्य तारीख से करीब 13 दिन की देरी से दस्तक दे दी है। इस पहली ही बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दी, वहीं दूसरी तरफ इसने महानगर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। बीते 24 घंटे में कई इलाकों में 300 मिलीमीटर से ज्यादा भारी बारिश दर्ज की गई, जिसने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी। दादर, सायन, किंग्स सर्कल और अंधेरी अंडरपास जैसे निचले इलाकों में भारी जलभराव के कारण सड़कों पर गाड़ियों के पहिए थम गए और ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल नजर आया। इस दौरान कई जगहों पर पेड़ गिरने और जलभराव के बीच लोगों के फंसने की घटनाएं भी सामने आईं।
इस मूसलाधार बारिश का सबसे बड़ा असर मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों पर पड़ा है। दादर स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पानी में डूबने और नवी मुंबई के ट्रांस हार्बर लाइन पर मिट्टी के कटाव के कारण करीब 24 ट्रेनें प्रभावित हुईं, जिससे काम-काज पर निकलने वाले आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर सहित आसपास के जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। प्रशासन ने भी भारी बारिश की चेतावनी के बीच स्थानीय नागरिकों को हाई अलर्ट पर रहने और बिना किसी जरूरी काम के यात्रा करने से बचने की सख्त अपील की है।