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Maharashtra Politics: सीएम देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे की मुलाकात, क्या हुई बात?

Thu, 17 Jul 2025 10:30 PM IST
सत्यम दुबे वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर करवट लेती दिख रही है। बुधवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अप्रत्यक्ष रूप से सत्ताधारी पक्ष में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। इसके ठीक एक दिन बाद गुरुवार को दोनों नेताओं की मुलाकात विधान परिषद के सभापति राम शिंदे के कार्यालय में हुई। यह बैठक करीब 20 मिनट तक चली। इस बैठक में आदित्य ठाकरे भी मौजूद थे। इन दो मुलाकातों ने राजनीतिक गलियारों में नई संभावनाओं को जन्म दे दिया है। लेकिन दोनों पार्टी की ओर से इस मुलाकात को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है।

बुधवार को विधानसभा में बोलते हुए सीएम फडणवीस ने साफ कहा था कि भारतीय जनता पार्टी 2029 तक विपक्ष में जाने वाली नहीं है। उन्होंने उद्धव ठाकरे को इशारों में संदेश देते हुए कहा कि वह चाहें तो किसी अलग रास्ते से सत्तापक्ष में आ सकते हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब उद्धव ठाकरे लगातार भाजपा और शिंदे सरकार की तीन-भाषा नीति को लेकर आलोचना कर रहे हैं। शिवसेना और भाजपा ने 25 साल तक साथ मिलकर महाराष्ट्र में राजनीति की। लेकिन 2014 में सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों में दरार आ गई। 2019 में उद्धव ठाकरे ने भाजपा से नाता तोड़कर कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। लेकिन 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद सरकार गिर गई और फडणवीस ने शिंदे के साथ मिलकर सत्ता संभाली।

हाल के दिनों में उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के बीच भी नजदीकियां बढ़ी हैं। 5 जुलाई को दोनों ने पहली बार दो दशक बाद एक मंच साझा किया। यह मौका था महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्कूलों में हिंदी को तीसरी भाषा बनाने वाले दो आदेशों को वापस लेने के जश्न का। इससे पहले अप्रैल में राज ठाकरे ने कहा था कि दोनों भाइयों के बीच पुरानी बातें तुच्छ थीं और मराठी मानूस के लिए एक होना जरूरी है। फडणवीस और उद्धव की मुलाकातों को लेकर अब यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या दोनों पुराने साथी एक बार फिर साथ आ सकते हैं। 

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