महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में महायुति की कई निर्विरोध जीत पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “कांग्रेस में कुछ लोगों को जबरदस्ती उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन जब उन्हें एहसास हुआ कि माहौल महायुति के पक्ष में है, तो उन उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया। कांग्रेस नेता नाना पाटोले द्वारा लोकसभा विपक्ष के सांसद राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से करने पर उन्होंने कहा, “आप रावण की तुलना राम से नहीं कर सकते।
जनवरी 2026 में होने जा रहे महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में मतदान से पहले ही महायुति (BJP, शिवसेना-शिंदे और NCP-अजित पवार) ने जबरदस्त बढ़त बना ली है। नामांकन वापसी के अंतिम दिन के बाद महायुति के कुल 68 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। इनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी भारतीय जनता पार्टी की है, जिसके 44 उम्मीदवार बिना चुनाव लड़े जीत गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के 22 और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 2 उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज की है।
निर्विरोध जीत का सबसे बड़ा केंद्र कल्याण-डोंबिवली (KDMC) रहा, जहाँ महायुति ने 21 सीटों पर कब्जा किया (15 BJP और 6 शिवसेना)। इसके अलावा ठाणे में शिवसेना के 7 उम्मीदवार और जलगांव में महायुति के 12 उम्मीदवार (BJP और शिवसेना 6-6) निर्विरोध चुने गए।
पनवेल (7), भिवंडी (6), धुले (4), अहिल्या नगर (3), पुणे (2) और पिंपरी-चिंचवाड़ (2) जैसी महत्वपूर्ण नगर निगमों में भी BJP के उम्मीदवारों ने बिना विरोध के जीत हासिल की है।
महा विकास आघाड़ी (MVA) का कोई भी उम्मीदवार निर्विरोध नहीं जीत सका है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सत्ता के दबाव और धनबल के कारण उनके उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए हैं, जिसकी राज्य चुनाव आयोग जांच कर रहा है। इस शुरुआती सफलता के बाद अब 15 जनवरी, 2026 को शेष सीटों के लिए मतदान होगा, जिसके नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे।