फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra Local Body Election Results: महायुति की आंधी में उड़ गई महाविकास अघाड़ी, हुई बड़ी हार

Mon, 22 Dec 2025 04:00 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

महाराष्ट्र के हालिया निकाय चुनावों (नगर निगम और स्थानीय निकाय) में महायुति (भाजपा, शिवसेना-शिंदे गुट और राकांपा-अजित पवार गुट) की जीत ने राज्य की राजनीतिक दिशा को एक नया मोड़ दिया है। इस जीत को महायुति के लिए एक बड़े 'बूस्टर डोज' के रूप में देखा जा रहा है, जिसने न केवल सत्ता पर उनकी पकड़ मजबूत की है, बल्कि विपक्षी गठबंधन 'महाविकास अघाड़ी' (MVA) के मनोबल को भी चुनौती दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, "महाराष्ट्र विकास के साथ मज़बूती से खड़ा है! नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भाजपा और महायुति को आशीर्वाद देने के लिए महाराष्ट्र के लोगों का आभारी हूं। यह लोगों पर आधारित विकास के हमारे विजन में भरोसे को दिखाता है। हम पूरे राज्य में हर नागरिक की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नई ऊर्जा के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं ज़मीनी स्तर पर कड़ी मेहनत के लिए भाजपा और महायुति कार्यकर्ताओं की तारीफ़ करता हूं। शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा, "2017 के लोकल बॉडी चुनावों में शिवसेना के पास केवल 27 महापौर थे। आज 2025 में हम 60 जगहों पर जीतकर आए हैं। हम इसका श्रेय अपने नेता एकनाथ शिंदे को देंगे. इस जीत से यह स्पष्ट होता है कि यह सच्ची शिवसेना है। जो लोग घर से राजनीति करते हैं, आज जनता ने उन्हें घर पर बैठाया है।"

महायुति की सफलता का सबसे बड़ा कारण तीनों प्रमुख दलों के बीच सीटों का सटीक बंटवारा और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का बेहतर तालमेल रहा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व अजित पवार की तिकड़ी ने विकास के एजेंडे को मजबूती से जनता के सामने रखा।

'लाडकी बहिन योजना' जैसी सरकारी योजनाओं ने महिला मतदाताओं के बीच महायुति की पैठ बहुत गहरी कर दी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इन योजनाओं के लाभार्थियों ने गठबंधन के पक्ष में बढ़-चढ़कर मतदान किया, जिसे जीत का एक मुख्य आधार माना जा रहा है।

जहाँ भाजपा ने शहरी केंद्रों और विदर्भ जैसे क्षेत्रों में अपना दबदबा बनाए रखा, वहीं शिंदे की शिवसेना ने कोंकण और ठाणे बेल्ट में अपना लोहा मनवाया। अजित पवार के गुट ने पश्चिमी महाराष्ट्र के कुछ महत्वपूर्ण पॉकेट्स में विपक्ष के वोट बैंक में सेंध लगाकर महायुति की बढ़त सुनिश्चित की।

महाविकास अघाड़ी के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान और सीट शेयरिंग में देरी ने भी महायुति के लिए राह आसान कर दी। मतदाताओं ने एक स्थिर और एकजुट सरकार को प्राथमिकता दी, जिससे महायुति को स्पष्ट बहुमत हासिल हुआ।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें