केरल में कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चल रहा सस्पेंस अब खत्म होने की ओर बढ़ रहा है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि नए मुख्यमंत्री के नाम का एलान गुरुवार को किया जाएगा। कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने जानकारी दी कि पार्टी हाईकमान ने इस मुद्दे पर सभी जरूरी चर्चाएं और विचार-विमर्श पूरे कर लिए हैं। अब सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है। ऐसे में केरल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है।
दरअसल, विधानसभा चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी यूडीएफ को शानदार जीत मिली है। 140 सीटों वाली विधानसभा में यूडीएफ ने 102 सीटों पर कब्जा कर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस के खाते में अकेले 63 सीटें आई हैं। इसके अलावा मुस्लिम लीग को 22, केरल कांग्रेस को आठ और आरएसपी को तीन सीटें मिली हैं। चार मई को चुनाव नतीजे आने के बाद से ही मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर पार्टी के भीतर लगातार मंथन चल रहा था।
अब कांग्रेस नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि यह प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी यानी केपीसीसी के अध्यक्ष Sunny Joseph ने बताया कि कांग्रेस विधायक दल यानी सीएलपी की अहम बैठक 14 मई को केपीसीसी मुख्यालय में आयोजित होगी। इस बैठक में विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इसी बैठक के बाद मुख्यमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में इस समय तीन बड़े नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इनमें वरिष्ठ नेता Ramesh Chennithala, विपक्ष के प्रमुख चेहरे V. D. Satheesan और एआईसीसी महासचिव K. C. Venugopal शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाईकमान हर पहलू को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहता है ताकि सरकार गठन से पहले किसी तरह का असंतोष सामने न आए।
इसी वजह से दिल्ली में लगातार बैठकों का दौर चला। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केरल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों से अलग-अलग बातचीत की। वीएम सुधीरन, एमएम हसन और के सुधाकरण समेत कई नेताओं से राय ली गई। वहीं वरिष्ठ नेता मुल्लापल्ली रामचंद्रन से फोन पर चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व जनता की भावना और संगठन के संतुलन दोनों को ध्यान में रखते हुए फैसला करना चाहता है।
वरिष्ठ नेता वीएम सुधीरन ने भी कहा कि मुख्यमंत्री का चयन ऐसा होना चाहिए जो जनता की उम्मीदों के अनुरूप हो और संगठन को मजबूत बनाए। कांग्रेस यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि फैसला सामूहिक सहमति और व्यापक विचार-विमर्श के बाद लिया जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कांग्रेस किस चेहरे पर भरोसा जताएगी। क्या पार्टी अनुभव को प्राथमिकता देगी, या फिर युवा और आक्रामक नेतृत्व पर दांव लगाएगी? इसका जवाब गुरुवार को मिलने वाला है। लेकिन इतना तय है कि मुख्यमंत्री के नाम का एलान सिर्फ एक राजनीतिक फैसला नहीं होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में केरल कांग्रेस की दिशा भी तय करेगा।