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बीरजू महाराज

कथक सम्राट नर्तक पंडित बिरजू महाराज का हृदयाघात से निधन, दिल्ली में ली अंतिम सांस

वीडियो डेस्क,अमर उजाला.कॉम Updated Mon, 17 Jan 2022 03:02 PM IST

कथक सम्राट और नर्तक पंडित बिरजू महाराज का निधन हो गया है। पद्म विभूषण से सम्मानित बिरजू महाराज 83 वर्ष के थे और दिल्ली में ही रह रहे थे यही उन्होंने अंतिम सांस ली।  बिरजू महाराज यानि कत्थक का पर्याय। वह लखनऊ के कालका बिंदादीन घराने के सदस्य थे। उनका नाम बृजमोहन नाथ मिश्र था और 4 फरवरी 1937 को उनका जन्म लखनऊ के ही प्रसिद्ध कथक नर्तक परिवार में हुआ था।    आपको बता दें कि बिरजू महाराज कथक नर्तक के साथ-साथ गायक भी थे वह भी शास्त्रीय गायक। बिरजू महाराज के परिवार में कथक पीढ़ी दर पीढ़ी चला रहा था। बिरजू महाराज के पिता उनके चाचा उनके भाई सभी प्रसिद्ध कथक नर्तक थे। बिरजू महाराज पिछले कुछ दिनों से बीमार भी थे। पर यह बताया गया कि उनकी हालत में सुधार हो रहा था। बीती रात को अपने पोते के साथ खेल रहे थे और अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।  बिरजू महाराज को पद्म विभूषण संगीत नाटक एकेडमी कालिदास सम्मान और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, खैरागढ़ विश्वविद्यालय ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से  सम्मानित किया गया था। बिरजू महाराज के निधन के साथ ही शास्त्रीय घरानों और संगीत प्रेमियों में शोक की लहर है।  महाराज जी के कथक का जलवा बॉलीवुड तक था। देवदास, डेढ़ इश्किया, उमराव जान, बाजीराव मस्तानी जैसी फिल्मों के लिए तो बतौर नृत्य डायरेक्टर काम कर चुके थे।  साल 2012 में उन्हें विश्वरूपम फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था और 2016 में बाजीराव मस्तानी के मोहे रंग दो लाल गाने के लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार से भी नवाजा गया था। आज नम आंखों से बिरजू महाराज के प्रशंसक उन्हें विदाई दे रहे हैं क्योंकि कथक का एक अध्याय आज समाप्त हुआ है।

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