JPSC-JSSC छात्र आंदोलन की कड़ी में शुक्रवार को झारखंड की राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में शाम के समय बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और JPSC-JSSC परीक्षाओं से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार और संबंधित अधिकारी अभ्यर्थियों की ओर से उठाए जा रहे गंभीर मुद्दों पर अपेक्षित स्तर पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसी नाराजगी को जाहिर करने के लिए JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने पुतला दहन कार्यक्रम का आयोजन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और अभ्यर्थियों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग उठाई। छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी लंबे समय से मेहनत कर रहे हैं और उन्हें ऐसी व्यवस्था चाहिए, जिसमें परीक्षा प्रक्रिया को लेकर किसी तरह का संदेह न रहे। प्रदर्शन में शामिल छात्र नेताओं ने सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
इसी दौरान छात्र नेता पीयूष कुमार ने पुतला दहन को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने किसी मंत्री का पुतला नहीं जलाया है। पीयूष कुमार के मुताबिक, जलाया गया पुतला बिना चेहरे वाला था और यह झारखंड के कथित ‘एग्जाम माफिया’ तथा उनके संरक्षकों के प्रतीक के तौर पर बनाया गया था। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन के जरिए छात्रों ने सरकार को संदेश देने की कोशिश की है कि यदि परीक्षा व्यवस्था में किसी तरह की अनियमितता या गड़बड़ी से जुड़े लोग मौजूद हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पीयूष कुमार ने सरकार से कथित ‘एग्जाम माफिया’ और उनके संरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे तत्वों का नामोनिशान मिटाने के लिए कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। छात्रों के इस प्रदर्शन के दौरान परीक्षा व्यवस्था में सुधार और अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार से तत्काल पहल की मांग की गई। आंदोलनकारियों ने साफ किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ विरोध करना नहीं, बल्कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता सुनिश्चित कराना है। JPSC-JSSC से जुड़ी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के बीच इन मुद्दों को लेकर असंतोष लगातार सामने आता रहा है। शुक्रवार को रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर हुआ यह प्रदर्शन भी इसी व्यापक छात्र आंदोलन का हिस्सा रहा, जिसमें छात्रों ने अपनी मांगों को मजबूती से उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।