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Jharkhand Student Protest: आंदोलित छात्रों ने मांगा CM हेमंत इस्तीफा, कांग्रेस से समर्थन वापस लेने को कहा!

Sun, 16 Aug 2026 03:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन शनिवार को नए मोड़ पर पहुंच गया। आंदोलनकारी छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि छात्र लंबे समय से गांधीवादी तरीके और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उनकी चिंताओं का समाधान नहीं किया गया, जिसके चलते आंदोलन लगातार जारी है।

रविंद्र पासवान के मुताबिक, छात्रों ने शुरुआत से ही लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शन, धरना और अन्य शांतिपूर्ण माध्यमों के जरिए सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया गया, लेकिन जब अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की रणनीति बदलने पर विचार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि छात्रों के सामने अब अपने आंदोलन को और प्रभावी बनाने की चुनौती है और इसी दिशा में आगे की रणनीति तैयार की जा रही है।

छात्र नेता ने अपने बयान में भगत सिंह के संघर्ष और उनके साहस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों और अधिकारों के लिए किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाना है। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की।

रविंद्र पासवान ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगों पर समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनके इस बयान के बाद रांची में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजर सरकार की प्रतिक्रिया और आंदोलनकारी छात्रों के अगले कदम पर है।

JPSC और JSSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं झारखंड के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का पारदर्शी तरीके से समाधान करना छात्रों के बीच विश्वास कायम करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। आंदोलनकारी छात्रों की मांगों और सरकार के रुख के बीच आगे किस तरह का संवाद स्थापित होता है, यह आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल छात्र नेता ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
 

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