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Jammu Kashmir Flood: किश्तवाड़ हादसे पर जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम ने दी ये बड़ी जानकारी!

Fri, 15 Aug 2025 12:25 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

किश्तवाड़ जिले के चिशौती कस्बे में चार जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इस आपदा में 46 लोगों की जान चली गई, जबकि 120 से ज्यादा घायल हैं। मलबे में अब भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है। मौसम खराब होने से बचाव कार्य में बाधा आ रही है।  चिशौती कस्बा प्रसिद्ध मचैल माता तीर्थयात्रा मार्ग का पड़ाव स्थल है। 25 जुलाई से चल रही मचैल माता यात्रा भी रोक दी गई है। यात्री जहां पर हैं, वहीं पर उन्हें रुकने को कहा गया है। पीएम नरेंद्र मोदी, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस आपदा पर गहरा दुख जताया और पीड़ितों की हर संभव सहायता का भरोसा दिया। वीरवार सुबह करीब 11:30 बजे पहाड़ी पर बादल फटा। किश्तवाड़ से 83 किलोमीटर दूर उपमंडल पाडर में स्थित चिशौती के उस हिस्से में भारी तबाही आई जो नाले पर बसे थे। नाले वाला पूरा हिस्सा ही बह गया है। 
 
पाडर के कई नालों में पानी का बहाव बहुत तेज हो गया है। भारी मात्रा में पानी बरस जाने से बाढ़ आ गई। पानी के साथ पत्थर व पेड़ बह कर आए जो घरों, दुकानों व यात्रियों को बहा ले गए। इनके लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। शुरुआत में 12 लोगों की मौत की खबर आई, जो शाम तक बढ़कर 38 तक पहुंच गई। कई लोग अब भी लापता हैं। आपदा में मचैल माता तीर्थयात्रियों के लापता और घायल होने की खबर है। कई यात्री किश्तवाड़ व अन्य जगहों से वापस लौट रहे हैं। 75 से ज्यादा घायलों को अठोली पीएचसी में भर्ती कराया गया। वहां से 12 को किश्तवाड़ जिला अस्पताल और चार को राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू रेफर कर दिया दिया गया। अन्य का पीएचसी में उपचार चल रहा है।

संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने बताया कि स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। सेना और वायुसेना की टीमें भी सक्रिय हो गई हैं। खोज और बचाव अभियान जारी है। मौसम खराब होने से हेलिकॉप्टर का राहत और बचाव कार्य में इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। किश्तवाड़ से अतिरिक्त मेडिकल टीम, एंबुलेंस आदि भी मौके पर भेज दी गई हैं। बादल फटने से आई आपदा में दो पुल ध्वस्त हो गए। इनमें से एक पुल पीएमजीएसवाई के तहत हाल ही में तैयार हुआ था। यह पुल बह गया। इस पुल के बहने से मचैल व हमूरी गांव सहित अन्य कई गांवों का संपर्क कट गया है। भोट नाला सहित चिनाब नदी उफान पर है।
 

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