जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दो दिनों पहले गिरफ्तार किए गए डॉक्टर आदिल अहमद की निशानदेही पर हरियाणा के फरीदाबाद से 300 किलोग्राम विस्फोटक (अमोनियम नाइट्रेट), एक एके-47 राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है अब ऐसे में सवाल है कि आखिर ये अमोनियम नाइट्रेट क्या होता है और कैसे इससे बड़ा धमाका किया जा सकता है. दरअसल अमोनियम नाइट्रेट एक सफेद रंग का क्रिस्टलीय केमिकल कंपाउंड है, जिसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल इंडस्ट्रीज में किया जाता है. उर्वरक के तौर पर नाइट्रोजन के सोर्स के रूप में किया जाता है. खनन उद्योग के लिए विस्फोटक तैयार करने के लिए भी अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल होता है. एक सिंथेटिक पाउडर होता है, जिसे अमोनिया और नाइट्रिक एसिड के रिएक्शन से बनाया जाता है. दुनियाभर के कई देशों में इसका उत्पादन होता है, सबसे खास बात ये है कि ये सस्ता भी होता है. अमोनियम नाइट्रेट आग के संपर्क में आते ही इसमें तेज विस्फोट हो सकता है और ये इतना ताकतवर होता है कि आसपास की चीजों को कुछ ही सेकेंड में उड़ा सकता है. सिर्फ 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट से दो से तीन किलोमीटर तक तबाही मच सकती है, इसकी मात्रा ज्यादा हो तो ये और ज्यादा खतरनाक हो जाता है.