उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से मानसून की जोरदार वापसी हुई है, लेकिन इस बार यह राहत से ज्यादा आफत लेकर आया है। बंगाल की खाड़ी में गुरुवार शाम को बने कम दबाव के क्षेत्र का असर शुक्रवार को पूरे प्रदेश में देखने को मिला। बारिश की शुरुआत प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी जिलों से हुई और फिर राजधानी लखनऊ तक पहुंचते-पहुंचते यह तेज आंधी और बिजली संकट में बदल गई।
लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, बलिया, प्रतापगढ़, जौनपुर, गाजीपुर जैसे जिलों में भारी बारिश हुई। बारिश के दौरान कई जगहों पर 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे सड़कों पर पेड़ गिर गए और ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए। राजधानी में करीब एक घंटे की तेज बारिश से सड़कें तालाब बन गईं और बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार को प्रयागराज में सबसे ज्यादा 58.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद बस्ती में 53 मिमी, चुर्क (विंध्य क्षेत्र) में 37.2 मिमी, अमेठी में 29 मिमी, कानपुर में 13.2 मिमी और बाराबंकी में 12 मिमी बारिश हुई।
मौसम विभाग ने शनिवार को दक्षिणी यूपी और बुंदेलखंड के 14 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। साथ ही 43 जिलों में गरज चमक के साथ वज्रपात का भी अलर्ट है। वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि कम दबाव का यह सिस्टम अगले तीन से चार दिनों तक सक्रिय रहेगा, जिससे दक्षिण-पूर्वी यूपी में अच्छी बारिश के आसार हैं।
लखनऊ में शुक्रवार शाम करीब चार बजे तेज बारिश के साथ आई आंधी ने शहर और गांव दोनों को बिजली संकट में डाल दिया। पेड़ों के गिरने से कई ट्रांसफॉर्मर और बिजली लाइनें टूट गईं। इससे पांच बड़े उपकेंद्रों की आपूर्ति बाधित हो गई, जिसमें मंत्री आवास क्षेत्र भी शामिल था। शहर के लगभग 30 फीसदी हिस्से में रात 10 बजे तक बिजली बहाल नहीं हो सकी।
मलिहाबाद, गोसाईगंज, मोहनलालगंज, काकोरी, बंथरा, माल जैसे ग्रामीण इलाकों में बिजली बहाली में लगातार बारिश बाधा बन रही थी। कई क्षेत्रों में दो से छह घंटे तक अंधेरा रहा।
राजधानी के अहिबरनपुर उपकेंद्र पर गुरुवार आधी रात को उपभोक्ताओं ने बिजली कटौती के खिलाफ प्रदर्शन किया। करीब 12 बजे जमा हुई भीड़ ने बिजली बहाल करने की मांग की। पुलिस को लाठी फटकारकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना पड़ा। हालांकि एक बजे तक स्थिति शांत कर दी गई।
आशियाना क्षेत्र में शक्ति पॉवर हाउस पर पांच एमवीए का नया ट्रांसफार्मर लगाया गया, जिससे कुछ इलाकों में सप्लाई बहाल हो सकी।
लखनऊ के मोहनलालगंज और अमेठी उपकेंद्रों की बिजली लाइनें पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गईं। इससे 200 से ज्यादा गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। शाम 7:30 बजे तक मोहनलालगंज की आपूर्ति शुरू कर दी गई, लेकिन अमेठी की लाइन पर पेड़ हटाने का कार्य देर रात तक जारी रहा।
नगराम कस्बा और आस-पास के गांवों में 33 केवी लाइन टूटने से 100 गांवों में बिजली गुल रही। नादरगंज, बनी और बिजनौर उपकेंद्रों में भी स्थिति बिगड़ी रही।
भारी बारिश की चेतावनी:
बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र, आगरा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, जालौन।
बिजली गिरने का खतरा:
प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, गाजीपुर, बलिया, लखीमपुर खीरी, कानपुर, सहारनपुर, अलीगढ़, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, बिजनौर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, जालौन, ललितपुर समेत 43 जिले।
लखनऊ के ये इलाके रहे अंधेरे में
राजधानी के विभूतिखंड, चिनहट, इंदिरानगर, विकासनगर, राजाजीपुरम, तालकटोरा, अमीनाबाद, चौक, ऐशबाग, ठाकुरगंज, हजरतगंज, गोमतीनगर, वृंदावन कॉलोनी, तेलीबाग, जानकीपुरम, अलीगंज, महानगर और निरालानगर जैसे इलाके दो से छह घंटे तक बिजली संकट की चपेट में रहे।
अगले 72 घंटे रहें सतर्क
मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले 72 घंटे यूपी के लिए चुनौती भरे होंगे। भारी बारिश, वज्रपात और आंधी की संभावना को देखते हुए लोगों को घरों में रहने और पेड़ों के नीचे न रुकने की सलाह दी गई है। खासकर ग्रामीण इलाकों में बिजली से जुड़ी सतर्कता बरतने को कहा गया है।