फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Harish Rana Death: हरीश राणा की मां की बात रुला देगी!

अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Updated Tue, 24 Mar 2026 08:50 PM IST

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है और इस बार भी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। लाखों छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है और अब सभी अपने भविष्य की दिशा तय करने में जुट गए हैं।

इस साल का कुल परिणाम 94.29 प्रतिशत रहा, जो काफी प्रभावशाली माना जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, छात्राओं का पास प्रतिशत 94.20% रहा, जबकि छात्रों का 93.63% दर्ज किया गया। ये आंकड़े एक बार फिर साबित करते हैं कि बेटियां पढ़ाई के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।

इस बार के रिजल्ट में कई होनहार छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन दौसा जिले की नंदिनी विजय खास तौर पर चर्चा में हैं। नंदिनी ने 600 में से 595 अंक हासिल कर 99.17 प्रतिशत स्कोर किया और राज्य के टॉप प्रदर्शन करने वाले छात्रों में अपनी जगह बनाई।

दौसा की रहने वाली नंदिनी विजय दौसा के शेखावाटी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा हैं। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। रिजल्ट घोषित होते ही उनके घर और स्कूल में खुशी का माहौल बन गया।

नंदिनी की सफलता के पीछे परिवार का अहम योगदान रहा है। उनकी मां चेतना गुप्ता संस्कृत शिक्षा विभाग में शिक्षिका हैं, जबकि पिता नरेंद्र विजय एक निजी कंपनी में मैनेजर हैं। दोनों ने हमेशा अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर उसका साथ दिया।

अपनी सफलता पर नंदिनी ने कहा कि यह उपलब्धि नियमित पढ़ाई, अनुशासन और परिवार के सहयोग का नतीजा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने समय का सही उपयोग किया और हर विषय को बराबर महत्व दिया। उनका मानना है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता जरूर मिलती है।

नंदिनी की यह उपलब्धि सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है। यह दिखाता है कि अगर सही माहौल और मार्गदर्शन मिले, तो छात्र किसी भी मुकाम तक पहुंच सकते हैं।

रिजल्ट जारी होने के बाद अब छात्र-छात्राएं अपने अगले कदम की योजना बना रहे हैं। 11वीं में स्ट्रीम चयन को लेकर भी तैयारी शुरू हो गई है। जिन छात्रों को अच्छे अंक मिले हैं, उनके लिए यह खुशी का समय है, वहीं जिनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, उनके लिए भी कई मौके आगे मौजूद हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा जीवन का सिर्फ एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। ऐसे में हर छात्र को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर आगे बढ़ना चाहिए।

कुल मिलाकर, इस बार का रिजल्ट न केवल बेहतर आंकड़ों के लिए, बल्कि छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन और नंदिनी विजय जैसी प्रतिभाओं के कारण खास बन गया है।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें