समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर लखनऊ जेल के अस्पताल में एक बंदी (कैदी) द्वारा हमला किया गया। यह घटना मंगलवार शाम (30 सितंबर, 2025 के आसपास) हुई है। लखनऊ जिला कारागार का जेल अस्पताल, जहाँ गायत्री प्रजापति भर्ती थे। जेल अस्पताल में सफाई ड्यूटी पर लगा एक बंदी, जिसका नाम विश्वास बताया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह विवाद पानी मांगने या साफ-सफाई को लेकर शुरू हुआ। बताया गया है कि गायत्री प्रजापति ने सफाई ड्यूटी पर लगे बंदी विश्वास को पानी देने के लिए कहा, जिसके देर से आने पर प्रजापति ने कथित तौर पर उसे कुछ अपशब्द या अमर्यादित टिप्पणी कह दी, जिससे बंदी नाराज हो गया। नाराज बंदी विश्वास ने पास में रखी लोहे की अलमारी के स्लाइड करने वाले हिस्से या लोहे की रॉड से गायत्री प्रजापति के सिर पर वार कर दिया। कुछ खबरों में कैंची से वार किए जाने का भी उल्लेख था, जिसे जेल प्रशासन ने नकारा है।
गायत्री प्रजापति को सिर में चोटें आई हैं। जेल प्रशासन ने इसे सतही चोट (Superficial Injury) बताया है और कहा है कि उन्हें मामूली चोट लगी है। हालांकि, कुछ खबरों में सिर में 6 से 10 टांके लगने की बात भी कही गई है। घटना के बाद जेल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और गायत्री प्रजापति को इलाज के लिए केजीएमयू (KGMU) ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
डीजी जेल पीसी मीणा ने हमले की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि यह केवल कहासुनी के बाद हुई धक्का-मुक्की की घटना थी, जिसमें गायत्री प्रजापति को हल्की चोटें आईं। उन्होंने यह भी बताया है कि इस घटना में शामिल कैदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।गायत्री प्रसाद प्रजापति समाजवादी पार्टी की सरकार में खनन मंत्री रह चुके हैं। वह गैंगरेप के एक मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहे हैं और साल 2017 से जेल में हैं।