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पति और बेटों की मौत के बाद भी नहीं टूटी द्रौपदी मुर्मू

वीडियो डेस्क,अमर उजाला.कॉम Updated Thu, 21 Jul 2022 03:08 PM IST


एनडीए से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के उपरवाड़ा गांव की रहने वाली है..उनका जन्म 20 जून 1958 को संथाल जाति समूह के एक आदिवासी परिवार में हुआ था...उनके पिता का नाम बिरांची नारायण टुडू एक किसान थे। द्रौपदी के दो भाई हैं। भगत टुडू और सरैनी टुडू। साल 1969 से 1973 तक आदिवासी आवासीय विद्यालय में पढ़ाई कीं और उसके बाद ग्रेजुएशन के लिए भुवनेश्वर के रामा देवी वुमंस कॉलेज में एडमिशन ले लिया...इसके बाद द्रौपदी ने ओडिशा के राज्य सचिवालय से नौकरी की शुरुआत की। उन्हीं दिनों में द्रौपदी की मुलाकात श्याम चरण मुर्मू से हुई...श्याम चरण भी भुवनेश्वर के एक कॉलेज से पढ़ाई कर रहे थे...साल 1980 में दोनों में प्रेम हुआ। इसके बाद श्याम, द्रौपदी के घर विवाह का प्रस्ताव लेकर पहुंच गए ओडिशा के बेहद पिछड़े और संथाल बिरादरी से जुड़ी 64 वर्षीय द्रौपदी के जीवन का सफर संघर्षों से भरा रहा है। आर्थिक अभाव के कारण महज स्तानक तक शिक्षा हासिल करने में कामयाब रही द्रौपदी ने पहले शिक्षा को अपना करियर बनाया।

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