नीट पेपर लीक को लेकर लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों और छात्रों के बढ़ते दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि जिस नेता ने अपने छात्र जीवन में पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन किया था, वही तीन दशक बाद देश के शिक्षा मंत्री के रूप में पेपर लीक विवाद के चलते इस्तीफे पर मजबूर हुआ। छात्र राजनीति से पहुंचे राष्ट्रीय राजनीति तक धर्मेंद्र प्रधान का जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा के तालचेर में हुआ। यह क्षेत्र कोयला खनन के लिए जाना जाता है। उनका परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके पिता डॉ देबेंद्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी के ओडिशा के शुरुआती नेताओं में शामिल थे। उनकी माता का नाम बसंत मंजरी प्रधान है। उनकी पत्नी मृदुला ठाकुर प्रधान हैं, दोनों के दो बच्चे हैं।