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Delhi Red Fort Blast: दिल्ली ब्लास्ट के मामले पर AIIO चीफ ने दी आतंकी संगठनों को खुली चेतावनी!

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Thu, 13 Nov 2025 02:38 AM IST

लाल किला कार बम विस्फोट, अखिल भारतीय इमाम संगठन के मुख्य इमाम डॉ इमाम उमर अहमद इलियासी कहते हैं, "मैं जो घटना हुई उसकी निंदा करना चाहता हूं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था। निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई है.यह मानवता की हत्या है.इससे भी दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि मुस्लिम समुदाय के शिक्षित लोगों के नाम उभर कर सामने आए हैं। हर समाज में बुरे लोगों की तुलना में अच्छे लोग अधिक होते हैं। हमें इस बात पर चिंतित होने की जरूरत है कि क्या हो रहा है। राष्ट्र-विरोधी शक्तियां सक्रिय हैं.यह हत्या करना नहीं सिखाती। यह बेहद चिंताजनक है। जैश-ए-तैयबा जैसे संगठनों को अपना नाम बदलना चाहिए।

लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट के संबंध में जो सबसे नजदीकी और स्पष्ट सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, उसने घटना की भयावहता को और साफ कर दिया है। यह धमाका 10 नवंबर 2025 की शाम को लगभग 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास, सुभाष मार्ग पर हुआ था, जब उस समय यातायात बहुत घना था (पीक आवर)।
फुटेज में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि धमाका एक सफेद रंग की हुंडई i20 (हरियाणा नंबर प्लेट) कार में हुआ, जो उस समय एक ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से चल रही थी या रुकी हुई थी। अचानक एक जोरदार विस्फोट होता है और एक लाल आग का गोला आसमान में उठता है। विस्फोट इतना तीव्र था कि आसपास के कई वाहनों के परखच्चे उड़ गए, वे आग की चपेट में आ गए, और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई।

 जांच एजेंसियों ने सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से कार के पूरे 'डेथ रूट' को ट्रैक किया है। कार को विस्फोट से लगभग तीन घंटे पहले सुनहरी मस्जिद के पास एक पार्किंग में खड़ी देखा गया था। पार्किंग से निकलने के बाद यह छत्ता रेल चौक पर यू-टर्न लेती है और लोअर सुभाष मार्ग की ओर बढ़ते हुए, सिग्नल पर धीमी होने के दौरान इसमें विस्फोट हो जाता है।

धमाके से कुछ देर पहले के फुटेज में कार चलाते हुए एक शख्स दिखाई देता है जिसने काला मास्क पहन रखा था। संदिग्ध ड्राइवर की पहचान जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आतंकी मॉड्यूल के फरार सदस्य उमर के रूप में हुई है।

जांच एजेंसियां, जिनमें अब NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) भी शामिल है, इस सबसे नजदीकी फुटेज की फॉरेंसिक एन्हांसमेंट (Forensic Enhancement) करवा रही हैं, ताकि विस्फोट की सटीक प्रकृति और साजिशकर्ताओं की पहचान की जा सके। यह फुटेज एक आतंकी हमले के रूप में की जा रही जांच में एक महत्वपूर्ण सबूत साबित हुआ है।

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