देशभर में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। हालात ऐसे हैं कि लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं और अस्पतालों में भी गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ने लगे हैं। इस बीच एक ताजा सर्वे ने गर्मी की भयावह तस्वीर सामने रख दी है।
लोकलसर्कल्स द्वारा किए गए इस सर्वे के मुताबिक, देश के 10 में से 8 शहरी भारतीय अपने इलाके में गंभीर हीटवेव का सामना कर रहे हैं। इस सर्वे में देशभर के 322 जिलों से एक लाख 27 हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। रिपोर्ट बताती है कि लगातार बढ़ती गर्मी अब सिर्फ मौसम की समस्या नहीं रही, बल्कि यह लोगों की सेहत, दिनचर्या और कामकाज पर भी सीधा असर डाल रही है।
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग यानी आईएमडी ने येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
सर्वे के मुताबिक, करीब 50 प्रतिशत लोगों ने माना कि उन्हें गर्मी की वजह से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा है। वहीं, लगभग 70 प्रतिशत लोगों ने थकान, कमजोरी और अत्यधिक प्यास जैसी समस्याएं महसूस होने की बात कही।
गर्मी से बचने के लिए लोग अपने तौर-तरीके भी बदल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आठ में से 10 लोग सामान्य से ज्यादा पानी पी रहे हैं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। वहीं, बड़ी संख्या में लोग नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसे पारंपरिक पेय का सेवन बढ़ा चुके हैं।
करीब 70 प्रतिशत लोग दोपहर के समय बाहर निकलने से बच रहे हैं। वहीं, लगभग 40 प्रतिशत लोग एयर कंडीशनर का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि बड़ी आबादी अब भी कूलर और पंखों के सहारे गर्मी से राहत पाने की कोशिश कर रही है।
गर्मी का असर सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। लोकलसर्कल्स के अध्यक्ष सचिन तपारिया के मुताबिक, हीटवेव का असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और कामकाज पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सर्वे में शामिल 10 में से दो लोगों ने कहा कि गर्मी की वजह से उनकी दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है और वे दिन के समय काम करने या बाहर जाने में असमर्थ हो रहे हैं।
वहीं, 44 प्रतिशत लोगों ने माना कि उनकी कार्यक्षमता में कमी आई है। लगातार गर्मी और उमस की वजह से लोगों को थकान महसूस हो रही है, जिससे ऑफिस, बाजार और दूसरे कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं।
बढ़ती गर्मी का दबाव बिजली व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। एयर कंडीशनर और कूलर के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। कई इलाकों में पावर कट और ट्रांसफार्मर फेल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना जरूरत धूप में निकलने से बचें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें, क्योंकि इस बार की गर्मी लोगों की सेहत और जिंदगी दोनों पर भारी पड़ती नजर आ रही है।