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Delhi NCR Rain Alert: दिल्ली-एनसीआर में बारिश के कारण थमी रफ्तार,जाम में बुरे फंसे लोग!

Sat, 08 Aug 2026 12:51 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में हुई तेज और लगातार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। राजधानी दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम में कई इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिला, जिससे सड़क यातायात पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। सबसे अधिक असर दिल्ली-जयपुर हाईवे पर देखने को मिला, जहां बारिश के कारण वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। दिल्ली से जयपुर जाने वाली लेन पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और वाहन घंटों तक रेंगते रहे। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, यात्रियों और मालवाहक वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जगह-जगह पानी भरने और सड़कों पर जलजमाव के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई।

गुरुग्राम में सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते देश-विदेश में प्रसिद्ध सिद्ध पीठ शीतला माता मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर परिसर के अंदर तक बारिश का पानी भर गया। जानकारी के अनुसार मंदिर और आसपास के इलाके में करीब ढाई से तीन फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को पानी से होकर गुजरना पड़ा, जबकि कई लोगों ने सुरक्षा कारणों से मंदिर आने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। मंदिर के आसपास की सड़कों पर भी पानी भर जाने से वाहन चालकों को काफी मुश्किल हुई। कार, ऑटो और अन्य चारपहिया वाहन धीरे-धीरे पानी के बीच से निकलते दिखाई दिए, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। कई बाइक और स्कूटर पानी में बंद हो गए, जिससे लोगों को उन्हें धक्का लगाकर बाहर निकालना पड़ा।

 पैदल चलने वाले लोगों को भी घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ा। स्थानीय लोगों ने बताया कि शीतला माता मंदिर और आसपास के इलाके में हर वर्ष बारिश के दौरान इसी तरह के हालात बन जाते हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। लोगों का आरोप है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी देर की तेज बारिश भी पूरे इलाके को जलमग्न कर देती है। इस स्थिति को लेकर लोगों में सरकार और स्थानीय प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिली। नागरिकों ने कहा कि ट्रिपल इंजन सरकार के बावजूद हर मानसून में यही समस्या दोहराई जाती है और प्रशासन केवल अस्थायी इंतजाम करता है। लोगों ने मांग की कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए मजबूत जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और यात्रियों को हर वर्ष इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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