दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति काफी गंभीर हो चुकी है इस बीच यूपी को लेकर भी अपडेट सामने आया है दूसरी तरफ संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने समस्या के व्यावहारिक और कारगर समाधानों पर विचार करने का आह्वान किया। शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रदूषण को काबू करने के लिए तत्काल जरूरी उपायों के अलावा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) दीर्घकालिक उपायों की रणनीति की समीक्षा कर उसे मजबूत करे ताकि अगले वर्ष ऐसी स्थिति न आए। दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण पर नकेल कसने के लिए कई बड़े फैसले भी लिए है।
वहीं पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को ऐलान किया है कि दिल्ली सरकार तृतीय-पक्ष निगरानी के जरिये प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) प्रणाली में सुधार करेगी. वाहनों की भीड़ कम करने के लिए एक कार-पूलिंग ऐप विकसित किया जाएगा और यांत्रिक रूप से सड़क की सफाई करने वाली मशीनों और कूड़ा उठाने वाली मशीनों की खरीद के लिए अगले 10 वर्षों में दिल्ली नगर निगम को 2,700 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. दिल्ली और उत्तर भारत के बड़े इलाके इन दिनों घने जहरीले धुंध की चपेट में हैं। मंगलवार दोपहर 4 बजे दिल्ली का AQI 437 तक पहुंच गया था, जबकि बुधवार सुबह 8 बजे यह 370 था। सांस लेना मुश्किल हो रहा है, स्कूल बंद हो रहे हैं और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उत्तर भारत के कई बड़े शहरों में बुधवार सुबह एयर क्वालिटी बेहद खराब दर्ज की गई. इस बीच खराब स्थिति नोएडा में देखी गई, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 417 पहुंच गया, जो ‘गंभीर' श्रेणी में आता है. दिल्ली का AQI भी 391 रहा, जो ‘बहुत खराब से गंभीर श्रेणी की सीमा' पर है.इसके अलावा ग्रेटर नोएडा (402), चंडीगढ़ (397), गुरुग्राम (370) और फरीदाबाद (387) में भी हवा का स्तर खतरनाक बना हुआ है.राजधानियों में भी हालत चिंताजनक है. यूपी के लखनऊ का AQI 368, जबकि भोपाल में यह 228 रिकॉर्ड किया गया. राजस्थान की राजधानी जयपुर के हालात अपेक्षाकृत बेहतर रहे। बरहाल प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार अपना खुद का कारपूलिंग ऐप लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इससे एक ही दिशा में जाने वाले लोग एक वाहन में सफर साझा कर सकेंगे, जिससे सड़कों पर गाड़ियों की संख्या और प्रदूषण दोनों कम होंगे।