भारतीय मौसम विभाग ने दार्जिलिंग, समेत कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाक के मुताबिक सोमवार सुबह तक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भारी बारिश होने की संभावना है। दार्जिलिंग के साथ-साथ अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। विशेष रूप से तीस्ता और माल नदी के उफान ने मालबाज़ार और डुआर्स क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है। दार्जिलिंग बारिश और भूस्खलन का कहर झेल रहा है। अब तक 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। उत्तर बंगाल में कई सड़कें और पुल ध्वस्त होने के कारण दूरदराज के कई गांवों से संपर्क कट गया है। एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। पीएम मोदी ने मदद का भरोसा दिलाया है। मौसम की मार के कारण पड़ोसी देश नेपाल में भी आपदा आई है। खैर दार्जिलिंग में आए इस भयावह प्राकृतिक आपदा को लेकर लोगों ने आपबीती सुनाई है। बता दे की उत्तर बंगाल और सिक्किम में लगातार भारी बारिश हो रही है जिससे तबाही मंजर देखने को मिला है। दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जनपद में पुल टूटने, भूस्खलन और बाढ़ से अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोग लापता हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। इस मूसलाधार बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और सिक्किम में हुआ है। बारिश के चलते मिरिक और सुकिया इलाके में कई जगह भूस्खलन हुआ है। दार्जिलिंग जिले के मिरिक में लैंडस्लाइड से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है। सड़कों पर कई जगह मलबा जम गया है और यातायात पूरी तरह बाधित है। सिक्किम से संपर्क भी टूट गया है। इतना ही नहीं भारी बारिश की वजह से वहां की जनता का बुरा हाल है। बचाव टीम राहत कार्य में जुटी हुई है।