क्या मायावती एक बार फिर ब्राह्मण वोटबैंक के सहारे बसपा को मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं? जब बड़े ब्राह्मण नेता लगातार बसपा छोड़ रहे हैं, तो पार्टी की ब्राह्मण रणनीति कितनी सफल होगी? क्या बसपा की सियासी नर्सरी से कद्दावर ब्राह्मण नेताओं का लगातार पलायन पार्टी के लिए बड़ा संकट है? 2007 में सफल रही बसपा की सोशल इंजीनियरिंग क्या 2027 के चुनाव में फिर कमाल कर पाएगी? अंटू मिश्रा के निष्कासन से बसपा की ब्राह्मणों को जोड़ने की मुहिम को कितना झटका लगा है? क्या सतीश चंद्र मिश्रा अकेले बसपा के ब्राह्मण चेहरे की कमी पूरी कर पाएंगे? आखिर बड़े ब्राह्मण नेता बसपा से दूरी क्यों बना रहे हैं? बसपा की मौजूदा रणनीति को लेकर इस तरह के तमाम सवाल उठ रहे हैं... दरअसल बसपा प्रमुख मायावती आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी का वजूद बचाने के लिए एक बार फिर ब्राह्मणों पर दांव लगाने की तैयारी में हैं... हालांकि, पार्टी के कई कद्दावर ब्राह्मण नेता लगातार उनका साथ छोड़ते गए हैं। अनंत मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा का निष्कासन इसकी ताजा कड़ी है...