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BMC Mayor Row: BMC में भाजपा और राज ठाकरे की MNS का होगा गठबंधन?

Tue, 03 Feb 2026 03:07 AM IST
आदर्श अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने साफ कर दिया है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मेयर चुनाव में उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ किसी भी तरह का गठबंधन नहीं करेगी। सोमवार को मुंबई में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ हुई अहम बैठक में राज ठाकरे ने यह संदेश स्पष्ट शब्दों में दे दिया। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने इस बात की पुष्टि की है।

यह बैठक 15 जनवरी को हुए नगर निकाय चुनावों के नतीजों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी, जिसमें मुंबई और आसपास के उपनगरों से एमएनएस के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ चुनावी प्रदर्शन पर चर्चा की, बल्कि गठबंधन सहयोगी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को लेकर अपनी नाराजगी भी खुलकर जाहिर की।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना पर एमएनएस की नाराजगी

एमएनएस पदाधिकारियों का आरोप था कि चुनाव के दौरान कई वार्डों में शिवसेना (यूबीटी) की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि गठबंधन के तहत एमएनएस को ऐसे वार्ड दिए गए, जहां पार्टी की जीत की संभावना पहले से ही बेहद कम थी। इसका सीधा असर नतीजों पर दिखा।

227 सदस्यीय बीएमसी में एमएनएस ने कुल 53 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी को महज छह सीटों पर ही सफलता मिल सकी। यह प्रदर्शन पार्टी की उम्मीदों से काफी कम रहा, जिसे लेकर जमीनी स्तर पर असंतोष साफ नजर आया।

राज ठाकरे की कार्यकर्ताओं को नसीहत

बैठक में राज ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को संयम और धैर्य का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अतीत की शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप में उलझने के बजाय संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। राज ठाकरे ने दो टूक कहा कि बीएमसी मेयर चुनाव में भाजपा के साथ किसी भी तरह का तालमेल या समर्थन नहीं होगा। इस बयान को मुंबई की सियासत में एक अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

बीएमसी में सियासी गणित क्या कहता है?

बीएमसी चुनाव के नतीजों में भाजपा 89 सीटें जीतकर पहली बार सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा की सहयोगी शिवसेना (एकनाथ शिंदे) को 29 सीटें मिलीं। इस तरह भाजपा-शिंदे शिवसेना गठबंधन के पास कुल 118 सीटें हैं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से ज्यादा हैं।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने 65 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाड़ी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और 24 सीटें हासिल कीं। इसके अलावा एआईएमआईएम को 8, एनसीपी को 3, समाजवादी पार्टी को 2 और एनसीपी (एसपी) को 1 सीट मिली।

संख्या बल के लिहाज से भाजपा-शिवसेना गठबंधन मेयर पद के लिए अपने उम्मीदवार को आसानी से निर्वाचित करा सकता है, हालांकि मेयर चुनाव की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। ऐसे में राज ठाकरे का यह बयान साफ करता है कि एमएनएस भविष्य की रणनीति में अपनी अलग पहचान और राजनीतिक दिशा बनाए रखने के मूड में है।

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