बिलासपुर ट्रेन दुर्घटना पर कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने कहा, "बहुत ही दुखद हादसा बिलासपुर में हुआ है। कम से कम 6 लोगों की मृत्यु की सूचना मिली और कई लोग घायल हुए हैं.वहां पर इस प्रकार का हादसा होना ये बहुत ही लापरवाही की बात है। रेलवे विभाग में लगातार देश के अलग-अलग क्षेत्रों से जानकारी आती रहती है कि हादसे होते जा रहे हैं और लोगों की मृत्यु उस हादसे में होती चली जा रही है.हम बिलासपुर हादसे में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं और उनके परिवारों को सांत्वना देते हैं.रेल मंत्री नैतिकता के आधार पर अब इस्तीफा दें.ये ढिलाई का कारण है इस प्रकार का हादसा हो सका। समय है कि गृह मंत्री के इस्तीफे के साथ जो भी अधिकारी और कर्मचारी इसमें निष्पक्ष जांच के बाद जवाबदेह पाए जाते हैं उनको कार्य से बर्खास्त करना चाहिए। साथ ही मृतक के परिवार के एक सदस्य को रेलवे में नौकरी देना चाहिए। आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए और घायलों को अच्छा इलाज किया जाए और इनको भी आर्थिक सहायता दी जाए
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक भीषण रेल हादसा हुआ, जब 4 नवंबर 2025 की शाम को एक पैसेंजर मेमू (MEMU) ट्रेन एक मालगाड़ी से टकरा गई। यह दुर्घटना बिलासपुर रेलवे स्टेशन के नजदीक लाल खदान के पास हुई थी। यह हादसा मंगलवार, 4 नवंबर 2025 को शाम लगभग 4 बजे हुआ। यह बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास, गतौरा और बिलासपुर स्टेशन के बीच, लाल खदान इलाके में हुआ।
दुर्घटनाग्रस्त ट्रेनों में गेवरा रोड (कोरबा) से बिलासपुर जाने वाली मेमू (लोकल पैसेंजर) ट्रेन (68733) और एक खड़ी मालगाड़ी शामिल थी।: मेमू पैसेंजर ट्रेन ने सामने खड़ी मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मारी। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि पैसेंजर ट्रेन का इंजन और उससे सटा महिला कोच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया, जिससे डिब्बे पटरी से उतर गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में 6 से 8 यात्रियों की दर्दनाक मौत हुई थी, जिसमें महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे। इसके अलावा, 15 से 25 से अधिक यात्री गंभीर रूप से या मामूली रूप से घायल हुए थे। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे की वजह मेमू ट्रेन का सिग्नल तोड़ना (सिग्नल ओवरशूट) बताया गया, जिसके कारण वह सामने खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई।
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, NDRF, और SDRF की टीमें मौके पर पहुँची और तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना की जानकारी ली और रेलवे ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹10 लाख, गंभीर रूप से घायलों के लिए ₹5 लाख, और मामूली रूप से घायलों के लिए ₹1 लाख के मुआवज़े की घोषणा की। हादसे के कारण उस रूट पर ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा।