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Bihar Politics: बिहार में सीएम पद पाने के बाद भी बीजेपी के सामने होगी ये बड़ी चुनौती !

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Thu, 05 Mar 2026 09:57 PM IST

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बड़े युग का समापन होने जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि, नीतीश कुमार ने सियासी गलियारों में चल रही तमाम अटकलों पर यह कहते हुए विराम लगा दिया है कि वे स्वयं राज्यसभा जाना चाहते हैं। इससे यह भी साफ हो गया है कि अब बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है। संभावना यही जताई जा रही है कि अब बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा और जदयू को उपमुख्यमंत्री सहित कई विभागों की हिस्सेदारी मिलेगी। इसे भाजपा की बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है क्योंकि भाजपा उत्तर भारत के तमाम राज्यों में शानदार जीत हासिल करने के बाद भी अब तक बिहार में अपना मुख्यमंत्री नहीं बनवा पाई थी। मोदी-शाह के राजनीतिक युग में भाजपा के मुकुट में अब यह मोती भी जड़ा जाने वाला है।  

इसके साथ ही भाजपा के सामने एक बड़ी चुनौती भी आने वाली है। बिहार में भाजपा का शासन स्थाई और आगे की राह निर्विघ्न करने के लिए उसे नीतीश कुमार और जदयू के समर्थकों का दिल भी जीतना होगा। भाजपा के लिए यह राह आसान होने वाली नहीं है। संभवतः यही कारण है कि स्वयं नीतीश कुमार ने नई सरकार के लिए अपने समर्थकों का भरोसा दिलाने की कोशिश की है। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा है कि बिहार से उनका नाता बना रहेगा। उन्होंने यह भी कहा है कि नई सरकार को वे अपना मार्गदर्शन और समर्थन देते रहेंगे। नीतीश के इस बयान से लोगों की नाराजगी कम हो सकती है और नई सरकार की राह कुछ आसान हो सकती हैं।

नीतीश समर्थकों की नाराजगी को कम करने में निशांत की भूमिका बहुत महत्त्वपूर्ण हो सकती है। यदि उन्हें बिहार का उपमुख्यमंत्री बना दिया जाता है, जिसकी संभावना जताई जा रही है, तो जनता उनके रूप में नीतीश कुमार का अक्स देख सकती है और इससे नीतीश समर्थकों की नाराजगी कम हो सकती है।

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