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Bihar Election 2025: RJD-कांग्रेस के बीच CM Face को लेकर गतिरोध, पप्पू यादव ने किया वार। Tejashwi

Wed, 22 Oct 2025 10:32 AM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

बिहार की राजनीति में राहुल गांधी का कितना प्रभाव है? विधानसभा 2025 के नतीजों की घोषणा के बाद क्या कांग्रेस पार्टी के पास अपना मुख्यमंत्री बनाने का अवसर आ सकता है? गठबंधन में सीटों के बंटवारे और कई विधानसभा सीटों पर 'दोस्ताना लड़ाई' जैसी बातों के क्या मायने हैं? ऐसे तमाम सवालों पर बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने रोचक बयान दिए हैं। पप्पू यादव ने दावा किया है कि पूर्णिया जिले से ताल ठोक रहे चारों कांग्रेस प्रत्याशियों का जनाधार मजबूत है और जनता बड़े अंतर से इन्हें जिताएगी।छह नवंबर को पहले चरण में होने वाले मतदान से पहले नामांकन का समय पूरा हो चुका है। कई सीटों पर 'फ्रेंडली फाइट' जैसी खबरें सामने आई हैं, क्योंकि गठबंधन में शामिल दलों ने एक ही सीट पर अपने-अपने प्रत्याशी उतारे हैं। इससे जुड़े एक सवाल के जवाब में पप्पू यादव ने कहा, 'दोस्ताना लड़ाई' जैसे जुमलों के इस्तेमाल पर पप्पू ने कहा ऐसी बातों का कोई मतलब नहीं है...हमने कई सीटें छोड़ दीं...हमारे नेता ने हमें दोस्ताना लड़ाई की अनुमति नहीं दी... ये हमारे नेता की छवि का ही असर है कि आज पूरा बिहार विपक्षी दलों के गठबंधन- INDIA के समर्थन में खड़ा है।उन्होंने कहा, चुनाव के बाद आप किसी को भी मुख्यमंत्री बना दीजिए। मुख्यमंत्री कांग्रेस पार्टी से नहीं होगा, वह राजद या किसी अन्य पार्टी से होगा...हमारे नेता चुनाव के बाद इसका फैसला करेंगे। चुनाव से पहले इसका कोई मतलब नहीं है।


सांसद पप्पू यादव ने दावा किया कि पूर्णिया जिले की चारों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की जीत तय है। उन्होंने कहा कि पूर्णिया सदर से जितेंद्र यादव, कसबा से मो. इरफान आलम, अमौर से पूर्व विधायक अब्दुल जलील मस्तान और बनमनखी से देवनारायण रजक मैदान में हैं और चारों प्रत्याशी जनता के सहयोग से जीत हासिल करेंगे।महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर शुरू से ही तनातनी बनी रही. कांग्रेस, आरजेडी, वामपंथी दल और मुकेश सहनी की पार्टी अपनी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे. कांग्रेस 70, वामपंथी दल संयुक्त रूप से 40 और मुकेश सहनी डिप्टी सीएम के साथ 60 सीट की मांग पर अड़े रहे. जिसका परिणाम ये हुआ कि चुनाव के नामांकन पत्र के दूसरे चरण की शुरुआत तक गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन सकी. एनडीए में सीटों के बंटवारे पर तो सहमति बन गई लेकिन दोनों गठबंधनों की तरफ से सीटों के फॉर्मूले को लेकर आजतक संयुक्त प्रेस वार्ता नहीं हो सकी.विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने 60 उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है. उम्मीदवारों की लिस्ट चार चरणों में सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक की गई. पहली लिस्ट में 48 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई.

दूसरी लिस्ट में जाले से ऋषि मिश्रा के नाम की घोषणा की गई थी. तीसरी लिस्ट में 5 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई और चौथी लिस्ट में 6 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई.वहीं राजद ने नामांकन के आखिरी दिन राष्ट्रीय जनता दल ने विधानसभा चुनाव को लेकर अपने उम्मीदवारों की लिस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी किया. इसमें 143 प्रत्याशियों के नाम हैं. कई सीट ऐसी हैं, जहां गठबंधन के दूसरे घटक दल के कैंडिडेट भी चुनाव लड़ रहे हैं.तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री के स्व घोषित उम्मीदवार हैं. इंडिया गठबंधन में कांग्रेस पार्टी अभी भी तेजस्वी यादव के नाम की घोषणा नहीं की है. यही कारण है कि इंडिया गठबंधन किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा, इसको लेकर गठबंधन के घटक दलों के बीच आपसी सहमति नहीं बन पाई है. वहीं एनडीए गठबंधन के सामने नीतीश कुमार राजनीतिक रुप से जरूरी भी है और मजबूरी भी.

 

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