जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की बिहार बदलाव यात्रा शनिवार को रोहतास जिले में पहुंची। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मैं सौदागर हूं, सौदा कर रहा हूं। बिहार के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सौदा कर रहा हूं। लोगों को यह बता रहा हूं कि तुम अपने बच्चों का बेहतर भविष्य बना सकते हो, इन जाति और धर्म के आधार पर उन्माद फैलाने वाले नेताओं से बचो। इसी को सौदागर कहते हैं तो मुझे कोई समस्या नहीं है। बिहार को सुधारने का जज्बा रखने वाले हर व्यक्ति को जनसुराज का समर्थन करना ही है। प्रशांत किशोर ने कहा कि वह बिहार के बच्चों का अच्छा भविष्य चाहते हैं। इसलिए लोगों को जाति और धर्म के नाम पर वोट नहीं देना चाहिए। इसके अलावा पीके ने लालू परिवार और विपक्षी दलों पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा
लोगों को यह बता रहा हूं कि तुम अपने बच्चों का बेहतर भविष्य बना सकते हो, इन जाति और धर्म के आधार पर उन्माद फैलाने वाले नेताओं से बचो... इसी को सौदागर कहते हैं तो मुझे कोई समस्या नहीं है... बिहार को सुधारने का जज्बा रखने वाले हर व्यक्ति को जनसुराज का समर्थन करना ही है।"
रोहतास के डेहरी में प्रशांत किशोर ने आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव पर चुटकी लेते हुए कहा कि लालू प्रसाद कुछ करें न करें, लेकिन बिहार के सबसे अच्छे पिता जरूर हैं। वह अपने नौवीं पास बेटे को बिहार का राजा बनना चाहते हैं। चाहे बिहार की जनता का बेटा पढ़ लिखकर चपरासी भी नहीं बन पाए। उन्होंने कहा कि वह लालू प्रसाद यादव की शिकायत नहीं कर रहे हैं। वह लालू प्रसाद यादव की प्रशंसा कर रहे हैं। क्योंकि लालू प्रसाद ने इतना तो किया है कि अपने बेटे को बिहार का मुख्यमंत्री बनने के लिए एड़ी चोटी एक कर दिया है। वह अपने बच्चों की भला चाहते हैं। लेकिन बिहार के अन्य लोग अपने बच्चों की भलाई के लिए क्या कर रहे हैं? यह हम सबको सोचने की जरूरत है। बता दे कि प्रशांत किशोर के कार्यक्रम में भोजपुरी के चर्चित गायक रितेश पांडे भी मौजूद रहे। इसके पहले भोजपुर में पीएम मोदी पर भी जमकर हमला बोल चुके हैं .आपने मोदी जी का चेहरा देख कर वोट दिया और वो चायवाले से प्रधानमंत्री बन गए, लेकिन बिहार से वोट लेकर और देश का पैसा लेकर वो गुजरात और महाराष्ट्र में फैक्ट्रियां लगवा रहे हैं. आपके बच्चे उन्हीं फैक्ट्रियों में 10-12 हजार रुपये की मजदूरी करने जा रहे हैं.” प्रधानमंत्री मोदी की यात्राओं पर हमला बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जब भी पीएम बिहार आते हैं, तो गरीब जनता का सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कर्मियों से भीड़ जुटाई जाती है और सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल होता है, जबकि बिहार को इससे कोई लाभ नहीं मिलता.