कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की पीएम मोदी के लिए 'झूठों के सरदार' टिप्पणी पर, भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "सिर्फ 1.5 साल पहले, इस गठबंधन ने कहा था कि ईवीएम हैक की गई हैं। अब वे कह रहे हैं कि मतदाता सूची में हेरफेर किया गया है। इनमें से कौन सा झूठ है? तथ्य यह है कि ये दोनों झूठ थे क्योंकि ये लोग प्रमाणित झूठे हैं। वह (राहुल गांधी) भारत के एकमात्र राजनेता हैं जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से झूठा प्रमाण पत्र मिला और उन्होंने 2019 में अपनी 'चौकीदार चोर है' टिप्पणी के लिए आधिकारिक तौर पर माफी मांगी... एक तरफ, पीएम मोदी और नीतीश कुमार हैं, और दूसरी तरफ, दो भटके हुए युवा (भटके हुए नौजवान), राहुल गांधी और तेजस्वी हैं, जो जमानत पर बाहर हैं
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कई बार 'झूठों के सरदार' टिप्पणी का इस्तेमाल किया है। खड़गे का यह बयान मुख्य रूप से पीएम मोदी द्वारा किए गए चुनावी वादों, जैसे हर साल 2 करोड़ नौकरियाँ देने, विदेशों से काला धन लाकर 15-15 लाख रुपये हर नागरिक के खाते में डालने, किसानों की आय दोगुनी करने और एमएसपी देने जैसे वादों को पूरा न करने के आरोपों पर आधारित है। खड़गे का कहना है कि प्रधानमंत्री संसद तक में झूठ बोलते हैं और केवल गुमराह करने का काम करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीएम मोदी अपनी कम्युनिटी (समुदाय) और निजी जीवन से जुड़े तथ्यों के बारे में भी झूठ बोलते हैं।
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर 'झूठ' बोलने और 'वादों को पूरा न करने' का आरोप लगाया है, खासकर उन राज्यों में जहां कांग्रेस की सरकारें हैं, जैसे कि कर्नाटक। एक बार पीएम मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस नेताओं पर अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने और उन पर व्यक्तिगत हमले करने का आरोप लगाया था। पीएम मोदी ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) को 'भ्रष्टाचारियों का जमावड़ा' और 'परिवारवाद' का पोषक बताया है, जिसका जवाब खड़गे ने 'झूठों के सरदार' की टिप्पणी दोहराकर दिया था। हाल ही में, खड़गे ने बिहार में आरजेडी द्वारा कांग्रेस से मुख्यमंत्री पद छीने जाने के पीएम मोदी के दावे को "हास्यास्पद" और "प्रधानमंत्री के पद के स्तर से नीचे" बताया, जिस पर उन्होंने कहा कि मोदी झूठों के सरदार हैं और हर जगह जाकर झूठ बोलते रहते हैं।