पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के बयान पर कहा, "SIR पर चर्चा तो होनी चाहिए लेकिन यदि वोटर लिस्ट गलत थे तो उस वोटर लिस्ट पर लोकसभा का चुनाव हुआ था तो सबसे पहले पीएम मोदी इस्तीफा दे उसके बाद SIR करवाले पूरे देश का तब फिर से चुनाव हो...हमारे साथी जयराम रमेश जी ने जो बात कही है वो सही कही है। इस पर आपको चर्चा करना चाहिए। आप इस पर चर्चा से भी भागते हैं किन-किन का नाम कटा उस पर भी जवाब नहीं देते हैं....हम इसके खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं और आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे
आपको बता दें कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और वोट चोरी को लेकर विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन की ओर से सोमवार को चुनाव आयोग से मिलने वाले मामले में आयोग का बयान आया है। इलेक्शन कमीशन का कहना है कि राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने अपने कहे को अंतिम समय में बदल दिया। 10 अगस्त को ही आयोग की तरफ से उन्हें पत्र जारी करके बताया गया था कि चुनाव आयोग के ऑफिस में सीमित स्पेस की वजह से वह 30 लोग मिलने आ सकते हैं। लेकिन सोमवार को अधिक लोग आयोग दफ्तर में आने की बात बोल रहे थे। जिसके बाद विपक्षी सांसदों को रोका गया था।
बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि SIR पर चुनाव आयोग के रुख को सही बताया है. उन्होंने कहा कि आधार को नागरिकता के निर्णायक प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता, इसे सत्यापित करना आवश्यक है. बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि बिहार भारत का हिस्सा है. अगर बिहार के पास नहीं हैं, तो दूसरे राज्यों के पास भी नहीं होंगे. ये कौन से दस्तावेज़ हैं? अगर कोई केंद्र सरकार का कर्मचारी है, तो स्थानीय/एलआईसी द्वारा जारी कोई पहचान पत्र/दस्तावेज.