केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राजद नेता तेजस्वी यादव को महागठबंधन का सीएम चेहरा घोषित किए जाने पर कहा, "इतना लड़ कर, झगड़ कर, इतनी मिन्नतें करके, कहीं पर डर दिखाकर अगर आपको मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर स्वीकार किया गया तो क्या स्वीकार किया गया. यदि आप इतना झगड़ा करके मुख्यमंत्री चेहरा बने हैं तो इसका अर्थ है कि आपके चेहरे को लेकर गठबंधन के भीतर स्वाभाविक स्वीकार्यता नहीं है। हम लोग बार-बार कहते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हम चुनाव लड़ रहे हैं। सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है कि विधायक बैठेंगे और वे अपना नेता चुनेंगे क्योंकि हमारे गठबंधन में पांच दल हैं... मेरा विश्वास है कि एक बार फिर तमाम विधायक नीतीश कुमार को 14 नवंबर के बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाएंगे। उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जा रहा है और मुख्यमंत्री भी वही । लेकिन उन(महागठबंधन) लोगों ने केवल एक चेहरा आगे करने के लिए बाकि सभी चेहरों को हटा दिया है । अब इस मामले को लेकर राजनीति तेज हो गई है
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर, विपक्षी 'महागठबंधन' ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव को अपना मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर दिया है। यह आधिकारिक घोषणा 23 अक्टूबर 2025 को पटना में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई। इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार के लिए चुनाव पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने तेजस्वी यादव के नाम का ऐलान किया। इस संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में महागठबंधन के सभी सात घटक दलों - आरजेडी, कांग्रेस, वामपंथी दल (सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई-एमएल) और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) - के नेता मौजूद थे। इस घोषणा ने नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया और एनडीए के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा पेश किया। इसके साथ ही, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का चेहरा भी घोषित किया गया।