Bihar CM Face: बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान अभी भले ही ना हुआ हो लेकिन सियासी पारा चरम पर है। सभी पार्टियां जनता को अपनी ओर लुभाने के लिए मैदान में उतर चुकी हैं। चुनाव की तारीखों के ऐलान होने से पहले ही राज्य में शीट शेयरिंग से लेकर सीएम फेस तक को लेकर रस्साकशी तेज हो गई है। एनडीए और महागठबंधन दोनों में बैठकों का दौर भी लगातार जारी हैं। दरअसल, बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर से अगले मुख्यमंत्री का चेहरा लगभग तय माना जा रहा है। लेकिन, विपक्षी दलों के महागठबंधन में सीएम फेस को लेकर एक राय बनती नजर नहीं आ रही है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन के मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर पूछे सवाल को सीधे-सीधे टाल दिया था। उसके पहले भी और बाद में भी, राष्ट्रीय जनता दल तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का निर्विवाद चेहरा मान रहा है। महागठबंधन के दल विकासशील इंसान पार्टी ने भी तेजस्वी यादव के नाम पर मुहर लगा रखी है। लेकिन, राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दरम्यान और उसके बाद से कभी भी कांग्रेस इसपर सीधा जवाब नहीं दे रही थी। अब कांग्रेस के बिहार प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने इस सवाल पर कहा कि यह अभी हम- आप तय नहीं करें, जनता चुनाव में यह तय करेगी।
पटना पहुंचे बिहार कांग्रेस प्रभारी ने मुख्यमंत्री के चेहरे के सवाल पर सीधा कहा- "मुख्यमंत्री का चेहरा बिहार तय करेगा। बिहार की जनता तय करेगी। आप धैर्य रख कर देखिए। चिंता मत कीजिए।" सीट शेयरिंग पर उन्होंने एक संकेत यह दिया कि कांग्रेस 70 सीटों की जिद में थोड़ी राहत दे सकती है। अल्लावरु ने सीट बंटवारे के सवाल पर कहा- "सब कुछ ठीक हो जाएगा। सीट शेयरिंग पर बातचीत अच्छी तरह चल रही है। हर बैठक में ज्यादा से ज्यादा सीटों को क्लियर करने का प्रयास हो रहा है। हम संतुष्ट हैं और लगता है कि आने वाले दिनों में इस पर अच्छी प्रोग्रेस दिखेगी। जहां तक सीटों के घटाने का सवाल है तो कोई भी गठबंधन हो, अगर उसमें नए दल आएंगे तो मौजूदा पार्टनर को थोड़ा-थोड़ा त्याग करना ही पड़ेगा। यही गठबंधन धर्म भी है।"