पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के मामले ने पूरे राज्य में आक्रोश और सियासी हलचल बढ़ा दी है। बच्ची का शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया, सड़क जाम की और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है, जबकि एक आरोपी की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना की भी अलग से जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं। टीएमसी का आरोप है कि ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने जाने से रोकने के लिए उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे नियमित सुरक्षा व्यवस्था बताया है। मामले को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और राज्य की राजनीति गरमा गई है।