अपने ओडिशा के दौरे के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एम्स भुवनेश्वर के बर्न सेंटर का दौरा किया और बालासोर के एफएम कॉलेज परिसर में आत्मदाह का प्रयास करने वाली छात्रा के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की. उन्होंने पीड़िता के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उसके इलाज में लगे डॉक्टरों की टीम से बातचीत की. उन्होंने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा. पीड़िता के भाई ने कहा, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मेरी बहन से मुलाकात की और उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. उन्होंने हमें डॉक्टरों पर भरोसा रखने को कहा क्योंकि वे सबसे अच्छा इलाज कर रहे हैं… राष्ट्रपति भी भावुक हो गईं…” वहीं, पीड़िता के पिता ने कहा कि हम राष्ट्रपति के आभारी हैं कि उन्होंने हमसे और हमारी बेटी से मुलाकात की. उन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने डॉक्टरों से चर्चा की और पारिवारिक स्थिति के बारे में पूछा.एम्स, भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ आशुतोष बिस्वास ने भी राष्ट्रपति के आने की जानकारी दी. उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ने पीड़िता के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और हमें सर्वोत्तम उपचार देने को कहा. हम सर्वोत्तम उपचार दे रहे हैं… हमारे पास उन्नत तकनीक है …”
वहीं पीड़िता के पिता ने कहा, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बहुत आभारी हूं क्योंकि वह मेरी बेटी की स्थिति देखने के लिए यहां आईं। उन्होंने हमसे मुलाकात की और हमारे बारे में और परिवार के बारे में पूछा... मेरी बेटी के लिए उन्होंने प्रार्थना की और हमें सांत्वना दिया....प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया गया है लेकिन सिर्फ प्रिंसिपल को गिरफ्तार करने से कुछ नहीं होगा वो जो आंतरिक समिति में जो भी लोग थे उन्होंने तो रिपोर्ट बनाया था उन्हें भी हिरासत में लेना चाहिए। उन्होंने अपने कॉलेज को बचाने के लिए मेरी बेटी को मार दिया
इस घटना के तुरंत बाद ओडिशा उच्च शिक्षा विभाग ने एफएम कॉलेज के प्रिंसिपल दिलीप कुमार घोष और सहायक प्रोफेसर समीर साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था. पुलिस ने पहले समीर साहू और सोमवार को दिलीप कुमार घोष को गिरफ्तार किया. बता दें कि 12 जुलाई को छात्रा ने कॉलेज के गेट के सामने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली थी, जिससे वह बुरी तरह से झुलस गई. वह इंटीग्रेटेड बीएड के सेकंड ईयर की छात्रा है. आत्मदाह की कोशिश करने से पहले पीड़िता ने कथित दुर्व्यवहार के लिए बीएड विभाग के प्रोफेसर समीर कुमार साहू के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कॉलेज कैंपस के पास धरना दिया था. शिकायत के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह काफी निराश हो गई. इसके बाद उसने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला लिया.