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Awadhesh Prasad in Ram Mandir: अयोध्या के सांसद को नहीं मिला ध्वजारोहण का न्योता, सपरिवार किए दर्शन

Sun, 30 Nov 2025 02:05 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम


समाजवादी पार्टी (सपा) के फैजाबाद (अयोध्या) से सांसद अवधेश प्रसाद ने हाल ही में अपने परिवार के साथ अयोध्या के भव्य श्री रामलला मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त किया। सांसद अवधेश प्रसाद ने रामलला के दर्शन को एक "अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव" बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम सच्चाई, मर्यादा और सद्भाव के प्रतीक हैं, और समाज में प्रेम और भाईचारा बनाए रखना ही सच्ची भक्ति है। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या के विकास में राजनीति नहीं, बल्कि सेवा की भावना होनी चाहिए।

इससे पहले रामनवमी के अवसर पर भी दर्शन के दौरान उन्होंने कहा था कि उन्होंने प्रार्थना की है कि जो मर्यादा पुरुषोत्तम के बारे में लिखा है, श्री राम के राज में जो व्यवस्था थी, वो धरती पर फिर से आए। उन्होंने गंगा-जमुनी संस्कृति को मजबूत करने और राष्ट्र की समृद्धि के लिए भी प्रार्थना की थी। हालांकि, राम मंदिर के शिखर पर हुए ध्वजारोहण कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं किए जाने पर उन्होंने गहरा दुख और नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि उन्हें दलित समाज से होने की वजह से इस कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया। उन्होंने इसे संकीर्ण सोच का परिचायक बताया और कहा था कि राम सबके हैं, और उनकी लड़ाई किसी पद या निमंत्रण के लिए नहीं, बल्कि सम्मान, बराबरी और संविधान की मर्यादा के लिए है। उन्होंने यह भी कहा था कि निमंत्रण न मिलना अयोध्या की जनता का अनादर है।

निमंत्रण न मिलने के बावजूद उन्होंने कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या आगमन और ध्वजारोहण का स्वागत करते हैं, और यह भी कहा था कि वह बिना बुलाए ही कई बार राम मंदिर के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने यह भी दोहराया था कि "राम हमारे रोम-रोम में हैं।", सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने रामलला के दर्शन को एक व्यक्तिगत और आध्यात्मिक अनुभव बताया, समाज में सद्भाव और रामराज्य की स्थापना की कामना की, लेकिन साथ ही ध्वजारोहण जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में आमंत्रण न मिलने को लेकर अपनी राजनीतिक और सामाजिक पीड़ा को भी व्यक्त किया।

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