एअर इंडिया के विमान में फिर से अचानक बड़ी दिक्कत सामने आई है। एअर इंडिया ने मंगलवार को दिल्ली से मिलान जाने वाली उड़ान एआई-137 रद्द कर दिया। बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में टेकऑफ से पहले तकनीकी खराबी पता चलने के बाद यह फैसला लिया गया।एयरलाइन ने कहा, हमारे ग्राउंड सहयोगी यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। यात्रियों को जल्द मिलान ले जाने की व्यवस्था की जा रही है। होटल में ठहरने की व्यवस्था और रद्दीकरण पर पूरा रिफंड या यात्रियों को उनकी पसंद के आधार पर मानार्थ पुनर्निर्धारण की सुविधा भी दी जा रही है। उड़ान ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटरडार24 डॉट कॉम के अनुसार बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान से संचालित होने वाली यह उड़ान दोपहर में उड़ान भरने वाली थी। हाल में एअर इंडिया ने विमानों में तकनीकी समस्याओं के कारण कुछ उड़ानें रद्द और विलंबित की हैं।
इससे पहले रविवार को भी भुवनेश्वर-दिल्ली फ्लाइट A321 को उस समय रद्द करना पड़ा जब टेकऑफ से पहले केबिन में अत्यधिक गर्मी दर्ज की गई। उसी दिन एअर इंडिया की एक और फ्लाइट सिंगापुर से चेन्नई जाने वाली AI349 विमान को मेंटेनेंस कारणों से रद्द करना पड़ा। 31 जुलाई को दिल्ली से लंदन जाने वाली उड़ान संख्या AI2017 संदिग्ध तकनीकी समस्या के कारण वापस लौट आई थी। कॉकपिट क्रू ने मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उड़ान को रोकने का फैसला किया और एहतियाती जांच के लिए विमान को वापस ले जाया गया था।
यह घटनाएं ऐसे समय पर हो रही हैं जब नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एअर इंडिया के खिलाफ 100 से ज्यादा सुरक्षा उल्लंघनों का खुलासा किया है। इनमें से सात उल्लंघन ‘लेवल-1’ श्रेणी के हैं, जिन्हें गंभीर सुरक्षा जोखिम माना जाता है। इन पर तुरंत कार्रवाई आवश्यक होती है। हाल ही में लोकल सकर्लस नामक संस्था के सर्वेक्षण में सामने आया कि 76 प्रतिशत यात्रियों का मानना है कि भारत में कई एयरलाइंस सुरक्षा से ज्यादा प्रचार पर खर्च कर रही हैं। वहीं 64 प्रतिशत ने कहा कि उन्हें पिछले तीन वर्षों में किसी न किसी फ्लाइट में तकनीकि समस्या का सामना करना पड़ा है।
वहीं आपको बता दे की विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने सभी संबंधित एजेंसियों और पक्षकारों को निर्देश दिया है कि देश के सभी हवाई अड्डों और हवाई ठिकानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जाए। यह कदम 22 सितंबर से 2 अक्तूबर 2025 के बीच आतंकवादी समूह से संभावित खतरे को देखते हुए उठाया गया है।बीसीएएस ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा, हाल ही में केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार 22 सितंबर से 2 अक्तूबर 2025 के बीच कुछ असामाजिक तत्वों या आतंकी संगठनों से हवाई अड्डों को खतरा हो सकता है। इसको ध्यान में रखते हुए सभी हवाई अड्डों, हवाई पट्टियों, हवाई अड्डा क्षेत्रों, वायु सेना स्टेशनों और हेलीपैड जैसी सभी विमानन इकाइयों पर सुरक्षा उपायों को सख्त किया जाए।
सूत्रों के मुताबिक, यह एडवाइजरी एक खुफिया जानकारी के आधार पर जारी की गई है। यह जानकारी पाकिस्तान स्थित एक आतंकी संगठन की संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। चार अगस्त की तारीख वाली इस एडवाइजरी में बीसीएएस ने यह भी कहा है कि स्थानीय पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), खुफिया ब्यूरो (आईबी) और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार समन्वय बनाए रखना जरूरी है।