उपमंडल लोकनिर्माण विभाग जोल के तहत आने वाली बेरियां से चौकीमन्यार सड़क इन दिनों स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गई है। इस मार्ग पर एक तरफ 30 से 40 फुट ऊंची पहाड़ी है और दूसरी ओर 10 फुट गहरा नाला। लगातार बरसात से इस पहाड़ी से पानी रिसता रहता है, जिससे हर दिन मलवा सड़क पर गिरता है और आवागमन को खतरनाक बना देता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह स्थिति अब हादसे को खुला निमंत्रण दे रही है। जब भी मलबा गिरता है, विभाग के कर्मचारी जेसीबी लेकर आते तो हैं, लेकिन उसे पहाड़ी के किनारे ही डालकर चले जाते हैं। कुछ ही दिनों में वही मलबा दोबारा सड़क पर आ जाता है, और सड़क पहले से भी अधिक खतरनाक बन जाती है। ग्रामीणों ने हाल ही में हुए बरठीं के भल्लू क्षेत्र बस हादसे का जिक्र करते हुए कहा है कि वे इस सड़क की स्थिति को उसी खतरे से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि जिस तरह बरठीं में हादसा हुआ, वैसी ही परिस्थिति इस मार्ग पर भी कभी भी बन सकती है। अगर समय रहते विभाग ने स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो किसी दिन बड़ा हादसा होना तय है। इस सड़क से हर सुबह तीन से चार स्कूलों की और एक हिमाचल पथ परिवहन की बस सुबह और शाम का समय है उस मिलाकर लगभग 5 से 7 छोटी-बड़ी बसें बच्चों को लेकर गुजरती हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता और भी बढ़ गई है। लोग डर के साए में अपने बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जब क्षेत्र के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू 8/10/2025 को पंचायत बेरियां में उद्घाटन कार्यक्रम में आए थे, तो वे इस सड़क मार्ग से नहीं आए। अगर वे इसी रास्ते से गुजरते, तो उन्हें खुद इसकी गंभीरता का अंदाजा होता। हालांकि ग्रामीणों ने विधायक द्वारा इस सड़क के सुधार के लिए स्वीकृत धनराशि के लिए धन्यवाद भी दिया, लेकिन साथ ही विभाग से स्पष्ट मांग की कि मलवे को तुरंत हटाया जाए और सड़क का स्थाई समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में बरठी जैसी कोई त्रासदी यहां न दोहराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को अब चेत जाना चाहिए, वरना बरठीं हादसे जैसी स्थिति दोबारा देखने को मिल सकती है।