उपमंडल बंगाणा क्षेत्र में ऐतिहासिक जिला स्तरीय पीपलू मेले में जहां एक ओर धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक रंग बिखरे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर गांव मुच्छाली के ग्रामीणों द्वारा निभाई जा रही जनसेवा की अनूठी परंपरा लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। मेले में ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए मीठे एवं शीतल जल की छबील लगाकर सेवा भाव का परिचय दिया। ग्रामीणों के अनुसार यह परंपरा पीपलू मेले की शुरुआत से चली आ रही है। वर्षों से गांव के लोग बिना किसी भेदभाव के मेले में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को ठंडा और मीठा जल पिलाकर सेवा करते हैं। समय के साथ पीढ़ियां बदलती रहीं, लेकिन यह परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ जीवित है। बुजुर्गों से मिली यह विरासत अब युवा पीढ़ी पूरी जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ा रही है। मेले में लगी छबील पर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। भीषण गर्मी के बीच शीतल जल की व्यवस्था लोगों के लिए राहत का कारण बनी। ग्रामीणों ने कहा कि मानव सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है और इसी भावना के साथ वे हर वर्ष इस परंपरा का निर्वहन करते हैं। इस सेवा कार्य में नरेश कुमार, ओमप्रकाश, राकेश कुमार, सुशील कुमार, अजय कुमार, विजय कुमार, शक्ति चंद, अमित कुमार, जसवीर चंद, प्रवीण कुमार, शांति स्वरूप, कुलदीप चंद, अशोक कुमार, सतपाल जीत शर्मा, तिलक राज शर्मा, दीपक, पूर्ण, सुनील शर्मा, विपिन, सुमित, राजीव, मनोहर लाल, प्रशांत, आशु, सोनू केवल सहित अनेक ग्रामीण सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।