कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग-5 के फोरलेन पर सोमवार तड़के एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। कुमारहट्टी के पास होटल न्यू वैदिक के सामने हुई इस दुर्घटना में ट्रक सड़क से नीचे स्थित हिम्मतपुर-दवाली संपर्क मार्ग पर जा गिरा। गनीमत रही कि हादसे के समय नीचे वाली सड़क पर कोई अन्य वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया। दुर्घटना में ट्रक को काफी नुकसान पहुंचा है, जबकि चालक सुरक्षित बच गया। जानकारी के अनुसार, ट्रक संख्या HR 68C 3419 कालका की तरफ से शिमला की ओर यूपीवीसी निर्माण सामग्री लेकर जा रहा था। कुमारहट्टी के पास तीखे मोड़ पर वाहन अचानक असंतुलित हो गया और सड़क से नीचे संपर्क मार्ग पर पलट गया। हादसे के समय घटनास्थल के नजदीक स्थित दिल्ली ढाबा के कर्मचारियों ने सुबह करीब पांच बजे जोरदार धमाके की आवाज सुनी। बाहर निकलकर देखने पर उन्हें मोड़ के पास ट्रक पलटा हुआ दिखाई दिया। ढाबा कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर केबिन में फंसे चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में चालक के सुरक्षित बचने से लोगों ने राहत की सांस ली। ट्रक के कुमारहट्टी-हिम्मतपुर-दवाली-धर्मपुर संपर्क मार्ग पर पलटने से सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को क्रेन या अन्य साधन से हटाए जाने तक इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहने की स्थिति बनी हुई है। सड़क बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भी आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पैदल आने-जाने वाले लोगों के लिए भी रास्ते से निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय स्तर पर हादसे के संभावित कारणों को लेकर आशंका जताई जा रही है कि चालक को नींद की झपकी आई हो या मोड़ काटते समय ट्रक का अगला टायर सड़क की ऊंची किनारी से नीचे उतर गया हो। हालांकि, दुर्घटना का वास्तविक कारण आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटनास्थल पर तीखा मोड़ है और इसके ठीक नीचे दूसरा संपर्क मार्ग निकलता है। उनका आरोप है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से यहां पर्याप्त चेतावनी संकेतक बोर्ड और रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए हैं। संकेतकों की कमी के कारण वाहन चालकों को सड़क की स्थिति और नीचे निकलने वाले मार्ग का सही अंदाजा लगाने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में इस संवेदनशील स्थान पर चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और अन्य जरूरी सुरक्षा उपाय लगाने की जरूरत जताई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों का खतरा कम किया जा सके।