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सोलन: कंडाघाट में शिव कथा का समापन, शिव विवाह के प्रसंग पर भक्ति में झूमे श्रद्धालु

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से न्यू धर्मशाला, कंडाघाट में आयोजित पांच दिवसीय भगवान शिव कथा का समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ। अंतिम दिन कथा व्यास साध्वी श्वेता भारती ने भगवान शिव के विवाह प्रसंग का वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं को गुरु महिमा और ध्यान साधना के महत्व के बारे में भी बताया गया। कथा के समापन अवसर पर भगवान शिव के विवाह प्रसंग को दर्शाती सुंदर झांकी सजाई गई। संत समाज ने बधाई गीत प्रस्तुत किए, जिन पर श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमते नजर आए। आयोजन में शिव विवाह प्रसंग के माध्यम से धार्मिक और आध्यात्मिक संदेश दिया गया। साध्वी श्वेता भारती ने गुरु महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि तनावपूर्ण जीवन में आंतरिक शांति पाने के लिए ध्यान साधना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि ध्यान के अभ्यास से मन की चंचलता को शांत करने और आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करने में सहायता मिल सकती है। उन्होंने तत्ववेत्ता सतगुरु के मार्गदर्शन को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, गुरु साधक को आत्मचिंतन और ईश्वर की अनुभूति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। कथा के दौरान क्षेत्रवासियों ने साध्वी श्वेता भारती का फूल-मालाओं और वस्त्र भेंट कर सम्मान किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर साध्वी संतोष भारती ने कहा कि भगवान शिव के जीवन प्रसंग त्याग, समर्पण और आध्यात्मिकता की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम का समापन मंगल आरती के साथ किया गया। इसमें स्वामी दयानंद गिरि, विजय अग्रवाल, संगीता अग्रवाल, पारुल अग्रवाल, प्रवीण महेन्द्रू और सुरिंदर मोहन शर्मा सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भाग लिया। अंत में स्वामी धीरानंद ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों और संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।

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