कालाअंब-पांवटा साहिब राष्ट्रीय उच्च मार्ग-07 पर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और राजकीय प्राथमिक पाठशाला कालाअंब के विद्यार्थियों को रोजाना सड़क पार करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छुट्टी के समय एनएच-07 को पार करना बच्चों के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो रहा है। बच्चे जान हथेली पर रखकर घर से स्कूल और स्कूल से घर की ओर रवाना हो रहे हैं। इन दोनों विद्यालयों में लगभग 1250 विद्यार्थी अध्य्नरत हैं। सोमवार को अमर उजाला टीम ने मौके पर पहुंचकर स्कूल की छुट्टी के दौरान की स्थिति का जायजा लिया। दोपहर बाद 3:00 बजे छात्रों को छुट्टी के समय तेज रफ्तार वाहनों के बीच से सड़क पार करते देखा गया। हाईवे पर न तो कोई गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) मौजूद है और न ही किसी तरह की चिन्हित क्रॉसिंग, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। एसएमसी प्रधान सोनू राणा और अभिभावकों में बबलू चौहान, संजीव, रीना देवी, उषा देवी और शकुंतला ने बताया कि बच्चों की सड़क क्रासिंग की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका, जबकि विद्यालय के समीप गति अवरोधक बनाने की कई बार विद्यालय प्रशासन की ओर से लिखित मांग भी की गई है। बता दें कि करीब अढ़ाई माह पहले इसी एनएच 07 पर कालाअंब (हरियाणा) क्षेत्र में एक 10 वर्षीय छात्रा की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो चुकी है। इस हादसे के बाद अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। लिहाजा अभिभावकों ने प्रशासन और एनएचएआई विभाग से मांग की है कि स्कूलों के बाहर तुरंत प्रभाव से स्पीड ब्रेकर, जेब्रा क्रॉसिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस संदर्भ में एनएचएआई विभाग के अधिशाषी अभियंता राकेश खंडूजा ने बताया कि सड़क का नवीनीकरण प्रस्तावित है। नवीनीकरण के बाद क्रासिंग चिन्हित करने का काम हो पाएगा। उन्होंने बताया कि नेशनल हाईवे पर गति अवरोधक बनाये जाने का विकल्प केवल उन्हीं स्थलों पर है, जिस स्थल को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया हो।