हिमाचल प्रदेश शोषण मुक्ति मंच के राज्य संयोजक ने हिमाचल प्रदेश में दलित और जनजातीय समुदाय के खिलाफ लगातार सामने आ रही घटनाओं पर गहरा रोष व्यक्त किया है। आशीष कुमार ने कहा कि एक ओर डीएसपी विजय कुमार जैसे वरिष्ठ दलित अधिकारी को कथित रूप से जातिगत उत्पीडऩ का सामना करना पड़ता है और मामला राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग तक पहुंचता है। वहीं, दूसरी ओर कुल्लू में जनजातीय समुदाय के खिलाफ सोशल मीडिया पर खुलेआम घृणा फैलाने वाली टिप्पणियां की जा रही हैं। इससे यह साबित करता है कि प्रदेश में भी मनुवादी और सामंती मानसिकता संविधान से ऊपर खुद को समझने लगी है। राज्य संयोजक ने कहा कि कुल्लू अस्पताल में हुई महिला की मृत्यु की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही है तो उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी घटना की आड़ में पूरे जनजातीय समाज को गालियां देना, आरक्षण के खिलाफ जहर उगलना और नफरत फैलाना संघी-मनुवादी सोच का घिनौना चेहरा है। ऐसी ताकतें मेहनतकश जनता को जाति और जनजाति के नाम पर बांटकर अपने राजनीतिक हित साधना चाहती हैं। उन्होंने लोकतांत्रिक शक्तियों से आह्वान किया कि वह जाति और जनजाति के नाम पर समाज को बांटने वाली संघी-मनुवादी ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करें।