जिला सिरमौर में भीषण गर्मी और लंबे समय से पर्याप्त बारिश न होने के कारण पेयजल संकट गहराता जा रहा है। आलम यह है कि जिले के नदी-नाले और पारंपरिक जल स्रोत दम तोड़ने लगे हैं। करीब दो दर्जन पेयजल योजनाओं का जलस्तर औसतन 25 फीसदी तक गिर चुका है। इससे आने वाले दिनों में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पानी की भारी किल्लत की आशंका बढ़ गई है। जिले के विभिन्न उपमंडलों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। विभाग के अनुसार शिलाई क्षेत्र की योजनाएं सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं। इनमें गुम्माट, नैनीधार, केलवी डाहर, कुफ्फर, शमोग, डकार, पटाई टोल की धार, डाक्कर, गेजू, मटियाना, डिमाइना, कनीधारी चाकरी, अराना, उत्तरी, कोटी बडोल, कोटी बोंच और शिलाई विलेज जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा पच्छाद क्षेत्र में राजगढ़ सहित उपमंडल की कई पेयजल योजनाओं के जलस्रोत प्रभावित हैं। वहीं, नाहन के धारटीधार, जमटा आदि क्षेत्रों के अलावा पांवटा साहिब और संगड़ाह के ग्रामीण इलाकों में भी पेयजल स्रोतों के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में संबंधित क्षेत्रों में ग्रामीणों को पेयजल किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है। अधीक्षण अभियंता ई. राजीव कुमार महाजन ने बताया कि गर्मी के चलते जलस्तर में 25 प्रतिशत तक की कमी आई है। हम वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार कर रहे हैं।