डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज को नाहन से बाहर शिफ्ट करने की सरकार की कवायद के विरोध में भाजपा नुमाइंदों समेत स्थानीय सामाजिक संगठन और संस्थाएं उतर आईं हैं। शनिवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल समेत आधा दर्जन सामाजिक संगठनों के नुमाइंदों ने इसका विरोध जताया और राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। इसके बाद नाहन परिधि गृह में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज को नाहन से बाहर शिफ्ट किया जाना जनहित में नहीं है। बसे बसाए को उजाड़कर नया बसाना किसी तरह भी उचित नहीं है। यह लोगों की सुविधा से जड़ा मामला है। इसलिए मेडिकल कॉलेज भवन को पहले के स्थान पर बनाकर इसका कार्य पूरा किया जाना चाहिए। डॉ. बिंदल ने कहा कि एमसीआई की गाइडलाइन के अनुसार 100 बीघा के करीब भूमि मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को स्थानांतरित की जा चुकी है। जबकि जगह की कमी और पार्किंग की व्यवस्था न होना इसके शहर से बाहर शिफ्ट करने का कारण बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सात मंजिला प्रशासनिक ब्लॉक बन गया है। 11 मंजिले मेडिकल ब्लॉक के लिए एफसीए क्लीरेंस व अन्य मापदंड भी पूरे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि नई जगह स्थानांतरित किए जाने पर पहले तो भूमि अधिग्रहण करनी पड़ेगी। उसके बाद फोरेस्ट क्लीयरेंस व अन्य पेंच है। कई पेड़ों की बलि पहले दी जा चुकी है और नई जगह पर फिर से दी जाएगी। आवागमन के लिए सड़कों और रास्तों का निर्माण करना पड़ेगा। करीब 1 हजार करोड़ का बजट चाहिए और इसे बनने से कई वर्ष लग जाएंगे। ऐसे में मेडिकल कॉलेज को नाहन से बाहर शिफ्ट करना किसी भी प्रकार से तर्क संगत नहीं है। डॉ. बिंदल ने कहा कि करीब ढाई वर्ष से मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण कार्य बंद पड़ा है। सरकार को चाहिए कि इसे शुरू करे। वर्तमान में 300 बिस्तरों का अस्पताल चल रहा है। 200 बिस्तर इसमें और शामिल होने हैं। वहीं इसी भवन के साथ एमसीएच का भी निर्माण होना है। इसके लिए बजट का प्रावधान और भूमि का भी चयन कर लिया गया है। पत्रकार वार्ता में पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष विनय गुप्ता, जिला भाजपा मीडिया प्रभारी राकेश गर्ग, नगर परिषद उपाध्यक्ष अविनाश गुप्ता, पार्षद विक्रम वर्मा मौजूद रहे।