शलाटी घोड़ी के आराध्य देवता साहिब नरेशर लक्ष्मी नारायण मंदिर कुमसू में शुक्रवार को जलयात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। धार्मिक आयोजन की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच कलश यात्रा निकाली। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे पुरोहितों, पुजारियों, मंदिर कारकूनों, महिलाओं और ग्रामीणों ने मंदिर परिसर से बनाऊ बावड़ी की ओर प्रस्थान किया। यहां से धार्मिक अनुष्ठान के लिए स्वच्छ जल लाया गया। जलयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने देवता साहिब के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। इसके साथ ही मंदिर में सात दिवसीय भागवत कथा का विधिवत आगाज हुआ। कथा के दौरान भागवत भूषण महेंद्र मोहन शर्मा श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रवण करवाएंगे। संगीत शिक्षक ईशान शर्मा और जितेंद्र शर्मा भी आयोजन में सहयोग दे रहे हैं। कथा प्रतिदिन दोपहर एक बजे से शाम चार बजे तक आयोजित होगी। इसके बाद शाम 4:15 बजे श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जीवन चौहान ने बताया कि आराध्य देवता साहिब नरेशर लक्ष्मी नारायण के सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह है। आयोजन में श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं के लिए मंदिर कमेटी की ओर से जरूरी तैयारियां की गई हैं। उन्होंने बताया कि सात दिनों तक चलने वाली कथा में भगवान की लीलाओं और विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। इसमें क्षेत्र के साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। जीवन चौहान ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। उन्होंने देवता साहिब का आशीर्वाद सभी पर बना रहने की कामना की। सात दिवसीय धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालु प्रतिदिन दोपहर एक से शाम चार बजे तक कथा का श्रवण कर सकेंगे। कथा के समापन के बाद शाम 4:15 बजे प्रसाद वितरित किया जाएगा। मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं से आयोजन में शामिल होकर देवता साहिब का आशीर्वाद लेने का आग्रह किया है।