अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का एलान किया है। संगठन ने छात्र संघ चुनाव बहाल करने, फीस वृद्धि वापस लेने और अन्य लंबित मांगों के समाधान की मांग उठाई है। रामपुर बुशहर में आयोजित पत्रकार वार्ता में एबीवीपी के विभाग संयोजक रवि वर्मा ने कहा कि प्रदेश में छात्र संघ चुनाव बहाल करने में सरकारें लगातार विफल रही हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में फीस वृद्धि और विद्यार्थियों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी सरकार और प्रशासन गंभीर नहीं है। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई को प्रदेश स्तरीय प्रेस वार्ता के दौरान लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई थी। इसके तहत 29 जुलाई को विभाग और जिला स्तर पर प्रेस वार्ताएं आयोजित की गईं। रवि वर्मा ने कहा कि आंदोलन के पहले चरण में 31 जुलाई को कॉलेज प्राचार्यों के माध्यम से संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके बाद 3 अगस्त को उपायुक्तों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर छात्र हितों से जुड़ी मांगों से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि 5 अगस्त को प्रदेश के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में एबीवीपी प्रदर्शन करेगी। वहीं, 6 और 7 अगस्त को हस्ताक्षर अभियान और छात्र रैलियां आयोजित की जाएंगी। 12 और 13 अगस्त को सांकेतिक भूख हड़ताल तथा 14 से 17 अगस्त तक जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। रवि वर्मा ने स्थानीय मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि रामपुर से कॉलेज प्रवेश द्वार तक पैदल पथ (फुटपाथ) बनाने की मांग कई वर्षों से की जा रही है। इसके लिए पहले भी आंदोलन और भूख हड़ताल की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में एबीवीपी इकाई के उपाध्यक्ष युवराज सिंह और सोनाली भी उपस्थित रहे।