उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं सहित अन्य आपात स्थितियों में हैम रेडियो आपदा प्रबंधन की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर सकते हैं। मंडी में आयोजित छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन मंगलवार को प्रशिक्षुओं से चर्चा में उन्होंने यह बात कही। अपूर्व देवगन ने कहा कि आपदा या प्रतिकूल मौसम की स्थिति में अकसर पारंपरिक संचार नेटवर्क बाधित हो जाते हैं और इन्हें पुनः बहाल करने में कई बार समय लगता है। ऐसे समय में हैम रेडियो एक प्रभावी वैकल्पिक संचार माध्यम के रूप में कार्य कर सकता है। संचार के आपात साधनों के विकास पर राज्य सरकार की नीति के तहत संचार तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं युवाओं को हैम रेडियो का यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी जिला आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। विशेषकर मानसून के दौरान यहां प्राकृतिक आपदाओं की संभावनाएं बनी रहती हैं। ऐसे में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण के उपरांत प्रतिभागियों को परीक्षा पास करने पर लाइसेंस प्रदान किया जाता है, जिससे वे आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी संचार स्थापित करने में अपनी भूमिका निभा सकेंगे। बताया कि राज्य सरकार द्वारा लाइसेंस प्राप्त ऑपरेटरों को हैम रेडियो उपकरण क्रय करने के लिए 60 हजार रुपये तक की सहायता राशि भी प्रदान की जाती है। स्रोत व्यक्ति केंद्रीय संचार मंत्रालय के सेवानिवृत्त डीडीजी वीके आर्य तथा दिल्ली हैम रेडियो संस्थान की सचिव कुसुम ने हैम रेडियो के व्यावहारिक उपयोग पर जानकारी प्रदान की। उन्होंने स्कूल व कॉलेज स्तर पर भी इस तरह के जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर बल दिया।